लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कों और गड्ढों को तत्काल भरा जाए। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। शासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों को खुद फील्ड में उतरकर स्थलीय निरीक्षण करना होगा ताकि सड़कों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। सीएम ने चेतावनी दी है कि जो भी कार्यदायी संस्थाएं या ठेकेदार काम को अधूरा छोड़ेंगे या समय सीमा का उल्लंघन करेंगे, उन पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
योगी सरकार का लक्ष्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 2.50 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया जा चुका है। विशेष रूप से विंध्य और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में यह लक्ष्य लगभग शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ‘जल समाधान’ पोर्टल पर आने वाली जलापूर्ति, लीकेज और खुदाई से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। आम जनता की सुविधा के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 18001212164 भी जारी किया है, जिस पर लोग मरम्मत या जलापूर्ति से जुड़ी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार की मंशा साफ है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को आवागमन में असुविधा न हो और गुणवत्तापूर्ण कार्य समय पर पूरा किया जाए।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






