आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची को अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत अब जिले में घर-घर पहुंचकर ऐसे पात्र महिला और युवा मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसके लिए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने सरकारी विभागों से लेकर महिला स्वयं सहायता समूहों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े संगठनों तक की जिम्मेदारी तय कर दी है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, एएनएम, स्वयं सहायता समूहों की समूह सखियों के साथ एनएसएस, एनसीसी, भारत स्काउट एवं गाइड और नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर्स की मदद से छूटे हुए मतदाताओं को चिह्नित कर उनका फार्म-6 भरवाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला या युवा मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
12 नवंबर से शुरू होगा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 कराया जा रहा है। इसके तहत मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा, जबकि दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इसी अवधि में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और आवश्यक संशोधन कराने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने इस बार विशेष रूप से महिला एवं युवा मतदाताओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण पर जोर दिया है।
घर-घर पहुंचकर छूटी हुई महिलाओं की होगी पहचान –
महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा परिवार कल्याण विभाग की आशा और एएनएम को इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी कार्मिक अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से घर-घर भ्रमण करती हैं और उन्हें परिवारों से संबंधित जानकारियां भी उपलब्ध रहती हैं। इसी व्यवस्था का उपयोग करते हुए ऐसी पात्र महिलाओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं है। चिन्हित महिलाओं से फार्म-6 भरवाकर उनका पंजीकरण कराया जाएगा।
समूह सखियां भी निभाएंगी अहम भूमिका –
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी पात्र समूह सखियों का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी पात्र समूह सखी का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो उनसे फार्म-6 भरवाया जाए। इसके साथ ही विशेष अभियान दिवसों पर समूह सखियों को सक्रिय कर उनके कार्यक्षेत्र में ऐसी महिलाओं की पहचान कराई जाएगी, जो पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सकी हैं।
एनएसएस, एनसीसी और स्काउट-गाइड के वालंटियर्स भी जुटेंगे –
महिला मतदाताओं के साथ-साथ युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और युवा संगठनों की भी मदद ली जाएगी। जिलाधिकारी ने एनएसएस, एनसीसी, भारत स्काउट एवं गाइड तथा नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके) के विद्यालयों और कॉलेजों में नामित को-ऑर्डिनेटर एवं वालंटियर्स के सहयोग से पात्र युवा और महिला मतदाताओं का चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर्स भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से ऐसे युवाओं और महिलाओं की पहचान की जाएगी, जिनकी आयु मतदाता बनने के लिए निर्धारित अर्हता पूरी करती है, लेकिन उनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे सभी पात्र लोगों को फार्म-6 भरने में सहयोग दिया जाएगा।
शत-प्रतिशत पंजीकरण के साथ देना होगा प्रमाण-पत्र –
जिलाधिकारी ने अभियान में लगाए गए सभी संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही भी तय की है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा, एएनएम और समूह सखियों से निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाएगा। इसमें उन्हें प्रमाणित करना होगा कि उनके कार्यक्षेत्र में 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग की कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची में शामिल होने से शेष नहीं है। प्रमाण-पत्र में संबंधित कार्मिक का नाम, पदनाम, कार्यक्षेत्र, हस्ताक्षर और दिनांक अंकित करना होगा। संबंधित अधिकारियों को सभी कार्मिकों से प्रमाण-पत्र प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने पर नहीं होगा अभियान सफल –
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप अभियान को गंभीरता से संचालित किया जाए। महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा युवा संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी पात्र महिला और युवा मतदाताओं का फार्म-6 के माध्यम से शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





