लखनऊ। दीपावली के त्योहार के दृष्टिगत प्रदेश में मिलावटखोरी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने व्यापक स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाया। दो दिवसीय इस प्रदेशव्यापी कार्रवाई के दौरान मिठाई निर्माण एवं उनकी सामग्री में बड़े पैमाने पर गंभीर अनियमितताएं और अस्वच्छता पाई गई। जांच के दौरान कई स्थानों पर शौचालय के समीप मिठाइयां बनती मिलीं, तो कहीं फफूंद लगा घेवर और एक्सपायरी सामग्री का इस्तेमाल होता पकड़ा गया। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के करीब 12 टोल नाकों पर चलाए गए वाहन चेकिंग अभियान में 22 क्विंटल दुर्गंधयुक्त खोया और 28 क्विंटल अस्वच्छ पनीर की खेप जब्त की गई। विभाग ने गंभीर कमियां मिलने पर अब तक प्रदेश के 32 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनके कारोबार पर तुरंत रोक लगा दी है, जबकि करीब 60 क्विंटल अस्वच्छ व असुरक्षित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया है।
विशेष प्रवर्तन कार्रवाई के तहत बरेली, मुरादाबाद, मऊ, कानपुर नगर, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर, मथुरा और कासगंज समेत कई जनपदों में अंतरराज्यीय व जिलास्तरीय टीमों ने छापेमारी की। कानपुर नगर में चेकिंग के दौरान 22 कुंतल बदबूदार खोया और हापुड़ में अस्वच्छ दशा में ले जाया जा रहा 28 क्विंटल पनीर पकड़ा गया। मुरादाबाद में पूर्व में प्रतिबंधित एक कारोबारी के गुप्त ठिकाने से मिलावट में इस्तेमाल होने वाले रसायन बरामद होने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, बरेली के सुभाष नगर स्थित न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माणशाला में भट्टी के ठीक पास शौचालय संचालित होता मिला, जबकि कैलाशपुरी के धीरज स्वीट्स में फफूंद लगा पुराना घेवर मिला। मुरादाबाद के मदनी स्वीट्स में एक्सपायर हो चुकी सामग्री, अखाद्य रंगों का प्रयोग और चूहों की गंदगी पाई गई, जबकि बीना मिष्ठान भंडार बिना लाइसेंस के संचालित होता पकड़ा गया। विभाग ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री बनाने वालों के खिलाफ यह दंडात्मक अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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