आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सोनभद्र की धरती से गुजरने वाले प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए अब जमीन जुटाने की बड़ी कवायद शुरू होने जा रही है। परियोजना को आकार देने के लिए शासन ने जिले को 1700 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह धनराशि उन 109 राजस्व गांवों की करीब 2019.64 हेक्टेयर भूमि की खरीद के लिए महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें एक्सप्रेसवे के दायरे में चिह्नित किया गया है। प्रयागराज से भदोही, मीरजापुर होते हुए सोनभद्र तक प्रस्तावित यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क निर्माण की परियोजना नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की उम्मीद है। चार जिलों के लिए शासन ने कुल 7 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमीन के अभिलेख दुरुस्त कराने, वास्तविक स्वामित्व तय करने और मुआवजे की प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाने की है।
109 गांवों की जमीन पर चलेगी अधिग्रहण की प्रक्रिया
विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए सोनभद्र में कुल 109 राजस्व गांवों की लगभग 2019.64 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें निजी काश्तकारी, ग्रामसभा और अन्य श्रेणी की जमीन शामिल है। भूमि क्रय से पहले संबंधित अभिलेखों का मिलान, स्वामित्व की पुष्टि और मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाना है। शासन से मिले 1700 करोड़ रुपये के बजट से इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, बजट आवंटन को भूमि खरीद पूरी होने या निर्माण कार्य शुरू होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
दुद्धी के 19 गांवों में राजस्व टीम कर रही पड़ताल –
भूमि संबंधी तैयारियों के तहत दुद्धी तहसील क्षेत्र के 19 राजस्व गांवों में सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। यहां वन भूमि, निजी काश्तकारी और ग्रामसभा की जमीन की स्थिति का राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है। जमीन के स्वामित्व और श्रेणी को लेकर किसी तरह का विवाद सामने न आए, इसके लिए वास्तविक स्थिति की जांच पर जोर दिया जा रहा है। यहीं प्रक्रिया आगे चलकर भूमि क्रय और मुआवजा निर्धारण का आधार बनेगी। वहीं रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के 72 गाँवों में अभी राजस्व विभाग की टीम किसानों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर ले रही है।
जनपद के खनिज कारोबार को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी –
प्रयागराज से शुरू होकर भदोही और मीरजापुर होते हुए सोनभद्र तक पहुंचने वाला प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोनभद्र खनिज संपदा और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के निर्माण से औद्योगिक इकाइयों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने के साथ खनिजों और अन्य व्यावसायिक सामानों की ढुलाई आसान होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रयागराज और आसपास के जिलों तक आवागमन में भी सहूलियत मिल सकती है।
बोले डीएम, प्राथमिकता से हो रही कार्यवाही –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि “शासन की ओर से विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि क्रय मद में 1700 करोड़ रुपये का बजट जनपद को आवंटित किया गया है। परियोजना से संबंधित आगे की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....




