आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात! कहावत सोनभद्र पुलिस की उस कार्यवाही पर सटीक बैठती है, जिसमें तस्करों की चालाकी धरी रह गई और उनके मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया। मादक पदार्थों के तस्कर कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए हर बार नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं, लेकिन सोनभद्र पुलिस भी उनकी हर चाल का जवाब देने के लिए मुस्तैद है। इस बार तस्करों ने गांजे की खेप को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए काजू के छिलकों से भरे कट्टों की आड़ ली, मगर ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत सक्रिय पुलिस टीम की नजरों से यह तरकीब भी नहीं बच सकी। शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग पर हुई संयुक्त कार्यवाही में आयशर कैन्टर से 60 किलो 525 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 30.25 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर तस्करी में इस्तेमाल कैन्टर और मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
काजू के छिलकों के बीच छिपाई थी गांजे की खेप –
मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत 26 अक्टूबर को एएनटीएफ यूनिट मेरठ, एसओजी सोनभद्र और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही की। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद टीम ने लोढ़ी स्थित चुर्क मोड़ यात्री शेड के पास शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग पर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध आयशर कैन्टर को रोककर तलाशी ली गई। पहली नजर में वाहन में काजू के छिलकों से भरे कट्टे दिखाई दे रहे थे, लेकिन गहन तलाशी में उनके बीच छिपाकर रखे गए तीन प्लास्टिक कट्टों से गांजा बरामद हुआ। तौल करने पर गांजे की कुल मात्रा 60 किलो 525 ग्राम निकली। पुलिस ने तत्काल वाहन चालक ऋषि कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 100 रुपये नकद भी बरामद हुए।
उड़ीसा से एटा तक थी गांजे की खेप पहुंचाने की तैयारी –
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह उड़ीसा के भुवनेश्वर क्षेत्र से काजू के छिलकों की आड़ में गांजा लेकर आ रहा था। इस खेप को उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उड़ीसा निवासी एक व्यक्ति ने उसे गांजा लाने के लिए आयशर कैन्टर उपलब्ध कराया था और इस काम के बदले 40 हजार रुपये अतिरिक्त देने का लालच दिया था। पुलिस अब इस कथित तस्करी नेटवर्क की दूसरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। गांजे की खेप कहां से जुटाई गई, इसे एटा में किसे सौंपा जाना था और इस पूरे कारोबार में अन्य किन लोगों की भूमिका है, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
तस्करों की तरकीब नाकाम, तीन इकाइयों ने मिलकर की कार्यवाही –
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्र के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान में एएनटीएफ यूनिट मेरठ, एसओजी सोनभद्र और थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
इस मामले में थाना रॉबर्ट्सगंज पर एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी है। उसके विरुद्ध एटा जनपद में पहले भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
अब तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती –
काजू के छिलकों की आड़ में गांजे की इतनी बड़ी खेप ले जाने का मामला बताता है कि तस्करी में शामिल लोग पुलिस से बचने के लिए नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, इस मामले में बरामदगी और गिरफ्तारी के बाद भी जांच का अहम हिस्सा बाकी है। पुलिस की नजर अब उन लोगों पर है, जिन्होंने कथित तौर पर गांजे की व्यवस्था की और जिन्हें यह खेप पहुंचाई जानी थी।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





