आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । हर बच्ची का सपना होता है कि उसे भी एक ऐसा परिवार मिले, जहां उसे भरपूर प्यार, दुलार और सुरक्षा के साथ बेहतर भविष्य का अवसर मिल सके। इसी भावना को साकार करने के उद्देश्य से संचालित ‘हमारी कीर्ति अभियान’ के तहत नवरात्र के पावन अवसर पर आकांक्षा समिति की अध्यक्ष आरुषि मिश्रा अपनी टीम के साथ वन स्टॉप सेंटर स्थित दत्तक ग्रहण इकाई पहुंचीं। यहां उन्होंने आवासित बच्चियों कीर्ति और गौरी से मुलाकात कर उन्हें उपहार भेंट किए और स्नेहपूर्वक दुलार किया। बच्चियों से मिलकर आरुषि मिश्रा भावुक हो गईं। उन्होंने बच्चियों के सुखद भविष्य की कामना करते हुए उनके लिए जल्द से जल्द एक स्नेहिल परिवार का साथ सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही जनपदवासियों से अभियान से जुड़कर बच्चियों के जीवन में खुशियां लाने की अपील की।
बच्चियों से मिलकर भावुक हुईं आरुषि मिश्रा –
नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस पहल के दौरान आकांक्षा समिति की अध्यक्ष आरुषि मिश्रा ने बच्चियों के साथ समय बिताया और उन्हें उपहार देकर अपनत्व का एहसास कराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्यार, सुरक्षा और परिवार का स्नेह पाने का अधिकार है। बच्चों को परिवार का अपनापन और सुरक्षित वातावरण मिलने से उनके जीवन को नई दिशा मिलती है।
आरुषि मिश्रा ने कहा कि हर बच्ची को ऐसा परिवार मिलना चाहिए, जहां उसे भरपूर प्यार, दुलार, संरक्षण और बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘हमारी कीर्ति अभियान’ केवल उपहार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चियों के प्रति समाज में अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमानुसार दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि बच्चियों को जल्द से जल्द परिवार का स्नेह और संरक्षण मिल सके।
जनपदवासियों से सहयोग की अपील –
आकांक्षा समिति की अध्यक्ष ने जनपदवासियों से अपील की कि वे ‘हमारी कीर्ति अभियान’ के तहत दत्तक ग्रहण इकाई में आवासित बच्चियों के लिए उपहार भेंट करने को आगे आएं। लोग अपनी सामर्थ्य और इच्छानुसार बच्चियों को उपहार देकर उनके जीवन में खुशियां लाने तथा उनके प्रति अपनत्व व्यक्त करने में सहभागी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। जरूरत इस बात की है कि बच्चियों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान, स्नेह और सुरक्षित भविष्य देने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
नियमानुसार दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर –
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मुख्यालय आकांक्षा गौतम ने भी बच्चियों के संरक्षण, देखभाल और उनके बेहतर भविष्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में बच्चे का हित सर्वोपरि है। इसके लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि पात्र बच्चियों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों को परिवार का प्यार, सुरक्षा और उचित देखभाल उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हमारी कीर्ति अभियान’ जैसी पहल समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए संबंधित अधिकारियों और समाज के लोगों से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
अधिकारियों और आकांक्षा समिति के सदस्यों की रही मौजूदगी –
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय आकांक्षा गौतम, जिला प्रोबेशन अधिकारी इंद्रावती, दत्तक ग्रहण इकाई की अधीक्षिका पुष्पांजली, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक दीपिका सिंह, आकांक्षा समिति की सदस्य नीरा जलान, स्नेहील अग्रवाल, त्रिशाला त्रिपाठी, अनिता थरद सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





