आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । भतीजे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसके बड़े पिता विजेंद्र मिश्रा ने अपनी पत्नी, बेटे, बेटी और जुगैल थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (एसआई) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन लोगों पर अपने भतीजे हिमांशु मिश्रा की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, मृतक के पिता सुरेंद्र मिश्रा ने भी जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश और पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। न्याय की गुहार लेकर पुलिस लाइन पहुंचे परिवार की शिकायत पर एसपी ने जांच सीओ ओबरा को सौंप दी है।
मृतक के बड़े पिता विजेंद्र मिश्रा ने कहा कि ग्राम गोठानी निवासी हिमांशु मिश्रा 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब नौ बजे चोपन बाजार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। एक अक्टूबर को उसका शव ओबरा डैम में बरामद हुआ। इसके बाद उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग उठाई।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में देरी पर उठाए सवाल –
मृतक के पिता सुरेंद्र मिश्रा का आरोप है कि हिमांशु के लापता होने के दिन ही जुगैल थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। उन्होंने चोपन बैरियर का सीसीटीवी फुटेज समय से चेक नहीं कराए जाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि करीब दस दिन बाद फुटेज की जानकारी लेने पर सात दिन का डेटा सुरक्षित रहने की बात कही गई। परिवार ने आशंका जताई कि देरी के कारण महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ से निकल सकते हैं।
मोबाइल सीडीआर और पुराने विवाद की जांच की मांग –
सुरेंद्र मिश्रा ने अपने प्रार्थना-पत्र में मोबाइल सीडीआर, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुराने मुकदमे और परिवार को कथित रूप से धमकियां दिए जाने का जिक्र करते हुए जुगैल थाने में तैनात एसआई विपिन बिहारी राय की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि विजेंद्र मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






