लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राजभर ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) के निर्माण में हुए भारी-भरकम खर्च को लेकर सीधे सपा प्रमुख पर निशाना साधा। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि जेपीएनआईसी के निर्माण पर 865 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि खर्च होने के बावजूद यह परियोजना आज तक अधूरी क्यों पड़ी हुई है, और इस भारी बजटीय आवंटन में से कितना पैसा अखिलेश यादव की अपनी जेब में गया? सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए राजभर ने जेपीएनआईसी की संचालन समिति की संरचना पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जनता के टैक्स के पैसे से निर्मित इस भव्य इमारत की संचालन समिति में अखिलेश यादव के साथ डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और सैफई परिवार के अन्य सदस्यों को क्यों शामिल किया गया था? उन्होंने आरोप लगाया कि वहां प्रस्तावित लग्जरी होटल, क्लब और जिम से होने वाली मोटी कमाई को किसकी जेब में भेजने की योजना बनाई गई थी, इसका जवाब सपा प्रमुख को प्रदेश की जनता के सामने देना चाहिए।
इसके साथ ही, कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की दी गई खुली चुनौती का समर्थन करते हुए सपा अध्यक्ष पर जमकर तंज कसा। राजभर ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने खुद उनकी चुनौती को स्वीकार कर लिया है, तो अब अखिलेश यादव को अपने कदम पीछे नहीं खींचने चाहिए और हिम्मत दिखाकर अयोध्या से तुरंत नामांकन दाखिल करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अयोध्या के चुनावी मैदान में उतरते ही अखिलेश यादव को इटावा और मैनपुरी के दायरे से बाहर राज्य में अपनी वास्तविक राजनीतिक हैसियत और जनाधार का भली-भांति अंदाजा हो जाएगा। राजभर ने अखिलेश को नसीहत दी कि वह बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय चुनावी चुनौती का सामना करें और सार्वजनिक मंचों से पूछे गए भ्रष्टाचार के इन गंभीर सवालों के सीधे जवाब दें।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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