आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
डाला । शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को डाला स्थित प्रसिद्ध वैष्णो शक्ति पीठ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन चढ़ने के साथ तेज होता गया। भक्तों ने माता के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
मंदिर से जुड़े अशोक शुक्ल के मुताबिक, नवरात्र के पहले दिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। माता रानी के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
कई राज्यों से दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु –
डाला स्थित वैष्णो शक्ति पीठ धाम अपनी भव्य बनावट, आकर्षक कलाकृतियों और भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले भित्ति चित्रों के लिए जाना जाता है। मंदिर की गुफा में दर्शन करने का अनुभव भी श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित करता है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से भक्त माता रानी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
अयोध्या से आए श्रद्धालु शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि “उन्होंने मंदिर की भव्यता के बारे में काफी कुछ सुना था। यहां पहुंचकर इसकी सुंदरता और कलाकृतियों को करीब से देखने का अवसर मिला, जिससे मन प्रसन्न हो गया। वहीं, वाराणसी से परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचीं वैष्णवी पटेल ने कहा कि मंदिर की बनावट और गुफा का अनुभव बेहद आकर्षक है। माता रानी के दर्शन से मन को शांति मिलती है।”
चुनार से आए मनोज सिंह ने भी मंदिर के प्राकृतिक वातावरण और गुफा की सुंदरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है। उन्होंने अन्य लोगों से भी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करने की अपील की।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गार्ड तैनात, प्रसाद वितरण जारी –
नवरात्र के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। कमेटी के पदाधिकारी रघुवीर गर्ग ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाहर से सात से आठ अतिरिक्त गार्ड भी बुलाए गए हैं। श्रद्धालुओं के बीच सुबह से शाम तक चना और हलवा प्रसाद वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान प्रतिदिन 10 से 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या 20 से 25 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
2002 में हुआ था भूमि पूजन, 2004 में पूरा हुआ निर्माण –
मंदिर के इतिहास के बारे में अशोक शुक्ल ने बताया कि “वैष्णो शक्ति पीठ धाम का भूमि पूजन वर्ष 2002 में हुआ था और वर्ष 2004 में मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। यहां मां महाकाली, मां महालक्ष्मी और मां महासरस्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता के अनुसार, मंदिर की स्थापना के समय जम्मू से ज्योति लाकर अखंड दीप प्रज्वलित किया गया था।”
यातायात व्यवस्था पर भी नजर –
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती है। मंदिर आने वाले भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो और वाराणसी-शक्तिनगर राज्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






