आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन की मांग को लेकर परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के बैनर तले अनुदेशकों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अनुदेशकों ने न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना था कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अपने विधिक अधिकारों और शिक्षकों के समान वेतन एवं सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बकाया एरियर सहित वेतन संबंधी आदेशों को तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
आदेश के अनुपालन के लिए शासनादेश जारी करने की मांग –
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षक पिछले 14 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान सरकार के विभिन्न स्तरों पर गुहार लगाने के साथ ही न्यायिक लड़ाई भी लड़ी गई। समिति के मुताबिक, लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 को 46 पृष्ठों का निर्णय सुनाया, जिसे अनुदेशक अपने हक में महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका दावा है कि निर्णय में वेतन और अन्य सुविधाओं को लेकर राहत दी गई है, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से अब तक इसके अनुपालन के लिए शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
रिव्यू पिटिशन खारिज होने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने का आरोप –
अनुदेशकों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से दायर रिव्यू पिटिशन भी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है, इसके बावजूद आदेश के अनुपालन में देरी की जा रही है। समिति का कहना है कि ज्ञापन देने और लगातार पैरवी करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे अनुदेशकों में नाराजगी है। उन्होंने मांग की कि सरकार न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए बकाया एरियर का भुगतान करे और वेतन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई तत्काल पूरी करे।
न्यायालय के आदेश का सम्मान कर अनुदेशकों को उनका हक दे सरकार –
जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार राय ने कहा कि “अनुदेशक शिक्षक वर्षों से विद्यालयों में बच्चों के भविष्य को संवारने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अपने ही अधिकारों के लिए उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब अनुदेशक अपनी मांगों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत तक गए और न्यायालय से निर्णय आया, तो अब सरकार को उसका सम्मान करते हुए आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए। आखिर कब तक अनुदेशक अपने हक के लिए भटकते रहेंगे? सरकार को बकाया एरियर सहित वेतन और अन्य सुविधाओं के संबंध में तत्काल शासनादेश जारी कर राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुदेशक सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अपनी आवाज शासन तक पहुंचा रहे हैं। गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करना और न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग करना है।”
ये अनुदेशक रहे मौजूद –
इस दौरान सीमा सिंह, जयप्रकाश राय, गूंजा चौरसिया, बबीता सिंह, आशुतोष सिंह गहरवार, वीरेंद्र यादव, राजकुमार, चंद्रमणि यादव, कुसुमलता, अरविंद कुमार मौर्य, शशिकांत यादव, रणविजय यादव सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






