- आरबीआई ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर किया 5.50%: ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग‘ का रुख अपनाया, गवर्नर बोले– मामूली एमडीआर से यूपीआई पर नहीं पड़ेगा असर
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपने नीतिगत रुख को बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जिससे देश में सस्ते कर्ज का दौर फिलहाल समाप्त हो गया है और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। नीतिगत फैसलों की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिजिटल भुगतान पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि 15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन (P2M) पर लागू होने जा रहे 0.4 प्रतिशत के मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) से यूपीआई वॉल्यूम पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान पूरी तरह नि:शुल्क रहेंगे, जिससे लगभग 96 प्रतिशत लेनदेन पूरी तरह अप्रभावित रहेंगे।
केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण अगस्त माह में खुदरा महंगाई दर का बढ़कर 4.82 प्रतिशत तथा खाद्य मुद्रास्फीति के 5.9 प्रतिशत तक पहुंचना रहा, जो आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी अधिक है। वैश्विक कमोडिटी की ऊंची कीमतों, कमजोर मॉनसून और सप्लाई चेन की बाधाओं को देखते हुए आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसतन महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, महंगाई के दबाव के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर का अनुमान 40 आधार अंक बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया गया है। आर्थिक विशेषज्ञों और बैंकरों का मानना है कि रेपो रेट में इस वृद्धि से बैंकों के लोन महंगे होंगे, जिससे एमएसएमई सेक्टर और व्यक्तिगत कर्जदारों की ईएमआई बढ़ेगी, परंतु मैक्रो इकोनॉमिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के लिए यह कड़ा मौद्रिक कदम उठाना अत्यंत अनिवार्य था।
Author: NAV HIND SAMACHAR
Navhind News is a leading multilingual news agency in India. Its primary focus is to provide print, electronic, and digital media with news on international, national, regional, and local events, as well as on topics such as literature, art, culture, religion, spirituality, economics, business, sports, science, technology, entertainment, health, and law.






