आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नवहिंद समाचार की खबर का असर एक बार फिर देखने को मिला है। मंगलवार को प्रकाशित खबर ‘चकबंदी की अटकी फाइल या ‘नजराना’ पड़ा कम…’ के जरिए चकबंदी विभाग में फाइलों के निस्तारण को लेकर उठाए गए सवालों का जिलाधिकारी/अभिलेख अधिकारी चर्चित गौड़ ने संज्ञान लेते हुए आज बड़ी कार्रवाई की। एक व्यक्ति से पैसा लेने का वीडियो सामने आने के मामले में सर्वे कानूनगो (प्रभारी पेशकार), कार्यालय सहायक अभिलेख अधिकारी, तहसील ओबरा सूबेदार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मंगलवार को नवहिंद समाचार ने चकबंदी कार्यालय में लंबित फाइलों और कथित ‘नजराने’ के आरोपों को लेकर खबर प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया। इसी बीच सर्वे कानूनगो सूबेदार सिंह का एक व्यक्ति से पैसा लेने संबंधी वीडियो भी सामने आया। जिलाधिकारी/अभिलेख अधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की।
डीएम की कार्यवाही से विभाग में मचा हड़कंप –
सूबेदार सिंह को निलंबित करने के साथ ही निलंबन अवधि में तहसील घोरावल से संबद्ध किया गया है। उन्हें संबद्ध कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अनुपस्थित नहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसकी विस्तृत जांच की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी है। जांच अधिकारी पूरे प्रकरण की नियमानुसार जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत करेंगे। जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
खबर के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान –
चकबंदी कार्यालय में फाइलों के निस्तारण को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नवहिंद समाचार की खबर ने प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा। खबर में फाइलों के अटकने और कथित ‘नजराने’ को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी पर कार्यवाही कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि “शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”






