आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सिन्दुरिया एक्सीलेंस सेंटर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ का तेवर सख्त नजर आया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य की रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने दोनों कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार दो से तीन शिफ्ट में काम कराया जाए, पर्याप्त श्रमिक और संसाधन लगाए जाएं तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को हर हाल में पूरा कराया जाए।
समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद, प्रयागराज द्वारा कराए जा रहे एक्सीलेंस सेंटर के निर्माण की भौतिक प्रगति की जानकारी ली गई। कार्य की धीमी गति सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित परियोजना प्रबंधक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आवश्यकतानुसार अतिरिक्त श्रमिकों और संसाधनों की व्यवस्था कर कार्य की गति बढ़ाने को कहा।
डीएम ने बताया कि केवल श्रमिकों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की प्रतिदिन की प्रगति की प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर दो-तीन शिफ्ट में काम कराकर परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
सीएंडडीएस के कार्यों की भी ली जानकारी –
बैठक में सीएंडडीएस द्वारा सिन्दुरिया एक्सीलेंस सेंटर में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित परियोजना प्रबंधक को निर्धारित गति के साथ कार्य आगे बढ़ाने और प्रत्येक चरण को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण स्थल की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्य की प्रगति से संबंधित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर लगातार निरीक्षण कर वास्तविक प्रगति की निगरानी की जाए।
रफ्तार बढ़े लेकिन गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता –
जिलाधिकारी ने दोनों कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित किया जाए। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रत्येक निर्माण चरण का नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के नाम पर मानकों की अनदेखी हुई तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीएम ने कहा कि परियोजना के निर्माण में अनावश्यक विलंब से न केवल निर्धारित समय-सीमा प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर परियोजना के उद्देश्य पर भी पड़ता है। इसलिए कार्यदायी संस्थाएं पूरी क्षमता के साथ काम करें और तय समय में निर्माण पूरा कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण के जरिए निर्माण की प्रगति एवं गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारी अथवा संस्था की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में संबंधित परियोजना प्रबंधक, अधिशासी अभियंता, दोनों कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






