आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कभी कच्चे और जर्जर मकानों में बारिश की बूंदों के बीच रात गुजारने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्की छत अब सिर्फ सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने जनपद के हजारों गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना उपलब्ध कराया है। पक्के मकान के साथ इन परिवारों की जिंदगी में सुरक्षा, स्थायित्व और आत्मसम्मान भी जुड़ा है।
म्योरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंडाडीह निवासी शांतिदेवी की कहानी भी इसी बदलाव की तस्वीर पेश करती है। गरीबी के बीच परिवार के साथ जर्जर कच्चे मकान में जीवन गुजार रहीं शांतिदेवी के लिए पक्का घर बनाना आसान नहीं था। बरसात के दिनों में कच्चे मकान की हालत परिवार की परेशानी और बढ़ा देती थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान उनके लिए दूर की बात थी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ मिलने के बाद शांतिदेवी का यह सपना पूरा हुआ। अब वह अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सुरक्षित जीवन जी रही हैं।
इसी तरह म्योरपुर विकासखंड के चंदन कुमार के परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का आवास मिला। लंबे समय तक कच्चे मकान में रहने के बाद अब उनका परिवार भी बेहतर और सुरक्षित आवासीय सुविधा का लाभ उठा रहा है
एक लाख से अधिक परिवारों को मिला पक्का आशियाना –
जिला प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से सोनभद्र में अब तक एक लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुविधा का लाभ मिल चुका है। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
अब तक एक लाख से अधिक लाभार्थियों का पक्के घर का पूरा हुआ सपना –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि “प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक जनपद में 80,515 लाभार्थियों को पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। वित्त वर्ष 2026-27 में 35,412 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक 33,483 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शासन से 5,524 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष अब तक 4,980 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। शेष 694 लाभार्थियों को भी योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
पक्की छत मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को न केवल मौसम की मार से राहत मिली है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी मजबूत हुई है। सोनभद्र जैसे पहाड़ी और वन क्षेत्रों वाले जिले में आवासीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आए इस बदलाव की तस्वीर को और स्पष्ट करता है।”






