लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग दोहराई है। बसपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र में यह बेहद जरूरी है कि मतदाता के मन में अपने वोट को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे, क्योंकि ईवीएम के प्रति लोगों में बढ़ती आशंकाएं चुनावी व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब खुद भारतीय जनता पार्टी ने भी ईवीएम का कड़ा विरोध करते हुए इसमें धांधली के आरोप लगाए थे, लेकिन केंद्र में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने इस व्यवस्था को खत्म करने के बजाय जारी क्यों रखा, यह एक बड़ा सवाल है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही ईवीएम प्रणाली का विरोध करती रही है, क्योंकि देश के शोषित, वंचित और कम पढ़े-लिखे वर्ग के मन में इस मशीन को लेकर भारी संशय है। इस दौरान उन्होंने वीवीपैट व्यवस्था को भी नाकाफी बताते हुए कहा कि सभी पर्चियों का ईवीएम से पूर्ण मिलान न होने के कारण मतदाता को अपने सही वोट का भरोसा नहीं मिल पाता। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत पर तंज कसते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि उन्हें बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा की साजिश और ईवीएम की गड़बड़ी के जरिए जिताया गया। उन्होंने नगीना सांसद पर दलित युवाओं को प्रदर्शनों में उलझाकर उनका भविष्य खराब करने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा बसपा प्रमुख ने दिल्ली और पंजाब सहित देश के विभिन्न राज्यों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकारों से सख्त कदम उठाने की मांग की।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






