सोनभद्र। जनपद के ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए फिटनेस फेल और बिना बीमा की बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में पंजीकृत 300 से अधिक बसों में से 30 से ज्यादा बसों की फिटनेस समयावधि महीनों और सालों पहले खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। सबसे अधिक बदहाल स्थिति कोvन, तेलगुड़वा, विंढमगंज, बीजपुर, दुद्धी और म्योरपुर जैसे दूरदराज क्षेत्रों की है, जहां क्षमता से अधिक सवारियां लादकर इन जर्जर बसों का संचालन बेरोकटोक जारी है। हैरानी की बात यह है कि बिना फिटनेस और बिना वैध बीमा के सड़क पर दौड़ रही इन बसों में यूपी परिवहन निगम की एक बस और एनटीपीसी परियोजना की दो बसें भी शामिल हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से इन बसों की न तो कोई तकनीकी जांच की गई है और न ही यातायात सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया है। कोन-तेलगुड़वा व विंढमगंज मार्ग पर ऐसी सर्वाधिक 07 बसें संचालित हैं, जबकि शक्तिनगर, खड़िया, बीजपुर, रेणुकूट, पिपरी और सिंदूरिया रूटों पर भी दर्जनों फिटनेस खत्म हो चुकी बसें सड़कों पर सरपट दौड़ रही हैं। हर समय बड़े हादसे का अंदेशा बने रहने के बावजूद परिवहन विभाग का प्रवर्तन दस्ता कार्रवाई करने के बजाय किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता प्रतीत हो रहा है, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी और भय का माहौल बना हुआ है।
Author: Harsh Vardhan
9 years experience in the field of journalism.





