वाराणसी। नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल और धांधली की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर अभ्यर्थी को संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ दबोच लिया। मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर चेकिंग के दौरान पुलिस और केंद्र प्रशासन ने एक अभ्यर्थी को अंडरवियर में मोबाइल फोन छिपाकर ले जाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बलिया जिले के रहने वाले 20 वर्षीय प्रिंस दुबे के रूप में हुई है। पुलिस को तलाशी के दौरान उसके पास से एक पुराना नीट का प्रश्नपत्र और ग्लू (गोंद) भी बरामद हुआ है, जिससे परीक्षा में किसी बड़ी साजिश या अनुचित साधनों के इस्तेमाल का संदेह और गहरा गया है।
कोतवाली इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह ने बताया कि रविवार को परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन और बेहद सघन तलाशी ली जा रही थी। इसी दौरान प्रवेश द्वार पर ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को अभ्यर्थी प्रिंस दुबे की शारीरिक गतिविधियां और हाव-भाव संदिग्ध लगे। शक होने पर जब उसे अलग ले जाकर कड़ाई से जांच की गई, तो उसके अंतःवस्त्र (अंडरवियर) से छिपाकर रखा गया मोबाइल फोन बरामद हुआ। केंद्र प्रशासन ने तुरंत इस गंभीर चूक और धांधली की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया और केंद्राध्यक्ष की तहरीर के आधार पर संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी प्रिंस दुबे ने कुबूल किया है कि वह मूल रूप से बलिया का निवासी है और वर्तमान में मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था, और इस बार परीक्षा देने के लिए वाराणसी आया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस उसकी कॉल डिटेल (CDR), व्हाट्सएप चैट और परीक्षा से ठीक पहले के संपर्कों को खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह परीक्षा कक्ष के भीतर किससे संपर्क साधने की फिराक में था या उसे बाहर से कौन प्रश्नों के उत्तर भेजने वाला था।
हालांकि, प्रारंभिक जांच में उसके पास से मिला प्रश्नपत्र पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस इस मामले को केवल एक अभ्यर्थी की व्यक्तिगत नकल के तौर पर नहीं देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बात की पूरी आशंका है कि इसके पीछे सॉल्वर गैंग या कोई संगठित गिरोह काम कर रहा हो। पुलिस का दावा है कि यदि जांच के दौरान किसी भी कोचिंग संचालक, सॉल्वर या बाहरी गिरोह की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। गिरफ्तार अभ्यर्थी को सोमवार को अदालत में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





