12 वर्ष की उपलब्धियों के दावों के बीच पेटराही संपर्क मार्ग बदहाल, ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को सौंपा पत्र

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सोनभद्र। केंद्र की वर्तमान सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर जहां एक ओर विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घोरावल विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड रॉबर्ट्सगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत पेटराही पाण्डेय का मुख्य संपर्क मार्ग पिछले कई वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। उरमौरा-पीएससी कैंप मुख्य मार्ग के भड़रा खुर्द मोड़ से रामलाल पाण्डेय के घर व कटरा होते हुए पेटराही गांव में कोटेदार शोभनाथ के घर तक जाने वाली यह पक्की सड़क वर्तमान समय में पूरी तरह जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क की इसी दयनीय स्थिति से क्षुब्ध होकर स्थानीय ग्रामीणों ने जनहित में सड़क के शीघ्र पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण की मांग को लेकर जनपद के प्रभारी मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पीएससी कैंप मुख्य मार्ग से पेटराही गांव को जोड़ने वाले इस बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग का निर्माण लगभग 15 वर्ष पूर्व कराया गया था। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण अब यह पक्की सड़क पूरी तरह से टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है और कई स्थानों पर तो इसका वजूद ही समाप्त हो गया है। यह मार्ग केवल पेटराही ही नहीं, बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों के ग्रामीणों के दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसके कारण स्थानीय किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने तथा रोजमर्रा के काम से रॉबर्ट्सगंज मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को प्रतिदिन भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमारों को होती है, क्योंकि गड्ढों से भरी इस सड़क पर एम्बुलेंस तक आने में कतराती है।

ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री को दिए पत्र में अवगत कराया है कि आगामी वर्षाकाल (बरसात के मौसम) की शुरुआत होने वाली है, जिससे इस उखड़े हुए मार्ग पर जलभराव और भारी कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बरसात के दिनों में यह सड़क पूरी तरह से ब्लॉक होने की कगार पर पहुंच जाती है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी ठप हो जाती हैं। क्षेत्रीय जनता द्वारा लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक सड़क के कायाकल्प की गुहार लगाई जा रही है, लेकिन खोखले आश्वासनों के अलावा अभी तक धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। शासन-प्रशासन की इस घोर उपेक्षा के चलते अब स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री से मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस बदहाल मार्ग का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और इसके शीघ्र कायाकल्प व पुनर्निर्माण हेतु आवश्यक बजट स्वीकृत कराकर युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को इस नारकीय सफर से मुक्ति मिल सके और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

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