रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों में यात्रा करने वाले बेगुनाह यात्रियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी की गई धनराशि का एक हिस्सा भी बरामद करने में सफलता प्राप्त की है।
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि बीते 6 जून 2026 को रॉबर्ट्सगंज मंडी गेट क्षेत्र के पास ऑटो में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के पर्स से शातिरों ने नजरें बचाकर 10,000 रुपये नगद और एक कीमती चाँदी का लॉकेट पार कर दिया था। इस चोरी की घटना के संबंध में पीड़ित महिला की शिकायत पर थाना रॉबर्ट्सगंज में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश की जा रही थी। विवेचना के दौरान आज उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि घटना में शामिल संदिग्ध बिजौली-चुर्क सम्पर्क मार्ग स्थित एक अर्द्धनिर्मित मकान के पास देखे गए हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर एक महिला सहित तीन अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया, जिनकी अमली तलाशी के दौरान चोरी की घटना से संबंधित 4,000 रुपये नगद बरामद हुए।
पुलिस हिरासत में कड़ाई से की गई पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपनी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं और ऑटो या अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक वाहनों में सफर करने वाले सीधे-साधे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। सफर के दौरान जैसे ही गाड़ी में भीड़ बढ़ती या सवारी का ध्यान भटकता, वे बेहद सफाई से उनके पर्स की चेन खोलकर नकदी व जेवरात उड़ा देते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि 6 जून को ऑटो में महिला के पर्स से उन्होंने ही 10,000 रुपये और चाँदी का लॉकेट चोरी किया था, जिसे बाद में उन्होंने आपस में बांट लिया था। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान प्रियंका पत्नी दिनेश वर्मा (निवासी बभनगवां, पन्नूगंज), सूरज पुत्र जयश्री (निवासी सोनारी, रॉबर्ट्सगंज) और जितेन्द्र पुत्र सालिगराम (निवासी पथरहा, पन्नूगंज) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया है। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल मनीष यादव और महिला आरक्षी रेखा सरोज मुख्य रूप से शामिल रहीं।
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.





