पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी की अनूठी पहल, खुद पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट और अधिकारियों से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

SHARE:

सोनभद्र। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण, पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी आह्वान के क्रम में जनपद सोनभद्र में भी प्रशासन द्वारा एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल प्रारम्भ की गई है। इसी क्रम में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता का सीधा संदेश देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ आज अपने आवास से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल पहुंचे। उनके इस कदम ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाने के प्रति बेहद प्रभावित किया। जिलाधिकारी ने इस दौरान कहा कि राष्ट्रहित में किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़े परिवर्तन का मजबूत आधार बनते हैं और ईंधन की बचत करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विशेष अपील की है कि पेट्रोलियम उत्पादों की बचत हेतु आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारी संयुक्त रूप से गाड़ियों का पूल बनाकर क्षेत्र भ्रमण, आधिकारिक बैठक, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस, किसान दिवस एवं अन्य मासिक समीक्षा बैठकों में प्रतिभाग करें, जिससे अलग-अलग गाड़ियों के इस्तेमाल से होने वाली अनावश्यक ईंधन की भारी खपत को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह भी अपेक्षा की है कि वे सप्ताह में कम से कम दो दिवस ऐसे अनिवार्य रूप से निर्धारित करें, जब किसी प्रकार का फील्ड भ्रमण न हो। उन निर्धारित दिनों में सभी लोग अपने कार्यालय आने-जाने के लिए व्यक्तिगत वाहनों के स्थान पर बस, ई-रिक्शा एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें। उन्होंने समय और सरकारी संसाधनों की बचत पर जोर देते हुए कहा कि विभागीय बैठकों को भी अब अधिकाधिक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही आयोजित किए जाने पर बल दिया जाये, ताकि आवागमन में लगने वाले समय, संसाधन एवं पेट्रोलियम की बचत सुनिश्चित की जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद अत्यंत सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका दोहन आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है। अतः हम सभी को छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने, साइकिल चलाने एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत को अपने दैनिक जीवन में विकसित करना चाहिए। ईंधन की बचत केवल देश की आर्थिक मजबूती के लिए ही आवश्यक नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य से भी जुड़ा हुआ एक बेहद गंभीर विषय है।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

Follow Us Now