मिर्जापुर के लाल पेड़े को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान: योगी सरकार की ओडीओसी योजना में शामिल, कारोबारियों को मिलेगी आर्थिक मदद

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मीरजापुर। सिद्ध पीठ माता विंध्यवासिनी के पावन धाम और अपने हस्तनिर्मित कालीनों के लिए विश्व विख्यात मीरजापुर अब अपने खास जायके ‘लाल पेड़े’ के दम पर वैश्विक पटल पर नई पहचान स्थापित करेगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) योजना के तहत मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े को शामिल किया है। सरकार के इस निर्णय से न केवल इस लजीज मिठाई का स्वाद देश-विदेश तक पहुंचेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों और व्यवसायियों के लिए सुनहरे भविष्य के रास्ते भी खुलेंगे। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार के अनुसार, इस मुहिम को रफ्तार देने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया गया है। यह सेल लाल पेड़ा कारोबार से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ उन्हें व्यापार विस्तार के लिए बैंक लोन और जरूरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य छोटे स्तर पर काम करने वाले कारीगरों को कुशल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।

लाल पेड़े की मिठास और गुणवत्ता को निखारने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में कारीगरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, स्वच्छता के मानक और पेड़े की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि ये उत्पाद खराब हुए बिना अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकें। वर्तमान में जिले में लाल पेड़ा बनाने वाली 65 से अधिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे 400 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। ओडीओसी योजना में शामिल होने के बाद इस संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। कारोबारियों का कहना है कि दूध पर आधारित यह मुलायम और सुगंधित मिठाई त्योहारों व धार्मिक आयोजनों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। अब सरकारी प्रोत्साहन मिलने से इस पारंपरिक हुनर को आधुनिक पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Vinod Garg
Author: Vinod Garg

2 years experience in the field of journalism.

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