लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकारी नौकरियों में ‘मुख्यमंत्री फेलो’ (CM Fellows) को विशेष वरीयता देने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी भर्तियों में सीएम फेलो को न केवल अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी, बल्कि उनके चयन की प्रक्रिया में 100 अंकों की मेरिट प्रणाली को भी लागू किया जाएगा। शासन की मंशा है कि जिन युवाओं ने विकास खंडों और आकांक्षी जिलों में जमीनी स्तर पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त किया है, उनके कौशल का लाभ सीधे तौर पर सरकारी तंत्र को मिल सके। इसके लिए चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु एक विशेष खाका तैयार किया गया है, जिसमें अभ्यर्थी के शैक्षणिक रिकॉर्ड, उनके द्वारा किए गए कार्यों के अनुभव और साक्षात्कार को वेटेज दिया जाएगा।
चयन प्रक्रिया के दौरान मेरिट तैयार करते समय अभ्यर्थी के पिछले कार्यों के प्रदर्शन और उनकी योग्यता को मुख्य आधार बनाया जाएगा। साक्षात्कार के चरण को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं, जिसमें उम्मीदवार की तार्किक क्षमता, समस्या समाधान के कौशल और उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़ी उनकी समझ का गहन आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के तहत कार्य कर चुके युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि उम्र में रियायत मिलने से वे उन भर्तियों में भी शामिल हो सकेंगे जिनकी सीमा पार कर चुके थे। सरकार का यह कदम न केवल युवाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि शासन में अनुभवी और दक्ष युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा। इस निर्णय से प्रदेश भर के सैकड़ों सीएम फेलो में उत्साह की लहर है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





