लखनऊ। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी वर्ष 2024 के आंकड़ों ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश साइबर अपराध के मामलों में देश भर में तीसरे स्थान पर है, जहाँ औसतन हर दिन 30 से ज्यादा साइबर ठगी और अपराध की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में इन मामलों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में साल भर में कुल 11,073 साइबर मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 10,794 थी। देश भर की रैंकिंग में 27,230 मामलों के साथ तेलंगाना पहले और 21,993 मामलों के साथ कर्नाटक दूसरे स्थान पर है, वहीं उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र 9,922 मामलों के साथ चौथे स्थान पर बना हुआ है।
रिपोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाला पहलू ‘साइबर यौन हिंसा’ को लेकर सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले पायदान पर है। वर्ष 2024 में प्रदेश में साइबर यौन हिंसा के कुल 633 मामले दर्ज किए गए, जो अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक हैं; इसमें महाराष्ट्र 544 मामलों के साथ दूसरे और राजस्थान 280 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है। साइबर अपराधों की प्रकृति पर गौर करें तो यूपी में सबसे अधिक 4,469 मामले धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) के दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा वसूली के 837 केस, सोशल मीडिया के जरिए बदनामी के 1204 मामले और फेक कॉल व मैसेज भेजने के 117 मामले सामने आए हैं। साथ ही, साइबर आतंकवाद का भी एक मामला प्रदेश में रिपोर्ट हुआ है। ये आंकड़े बताते हैं कि तकनीक के बढ़ते विस्तार के साथ-साथ अपराधियों ने भी ठगी और प्रताड़ना के नए तरीके अपना लिए हैं, जिसके प्रति जनता को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





