लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब बिना किसी भाग-दौड़ और आवेदन के अपने आप पोस्टपेड मोड में बदल जाएंगे। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से जुड़े हैं, जिन्हें विभाग द्वारा एक क्लिक पर पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कर दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब बिजली बिल की पर्ची निकालने वाले कर्मचारी उपभोक्ताओं के घर नहीं पहुंचेंगे, बल्कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच उपभोक्ताओं के मोबाइल पर उपभोग की रीडिंग और बिल का मैसेज सीधे भेज दिया जाएगा। मई माह के बिजली बिल का मैसेज उपभोक्ताओं को 1 से 10 जून के बीच प्राप्त होगा, जिसे अगले 15 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा।
स्मार्ट मीटर के पोस्टपेड मोड में आने से जहाँ आम जनता को सुविधा होगी, वहीं बड़े बकाएदारों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन कंट्रोल रूम से एक क्लिक के जरिए काट दिया जाएगा और बिल भुगतान के बाद ही इसे स्वतः चालू किया जा सकेगा। इससे मौके पर जाकर कनेक्शन काटने के दौरान कर्मचारियों के साथ होने वाली अभद्रता और भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी लगाम लगेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं का पिछला बकाया है, वे उसे किस्तों में जमा कर सकेंगे, जिसके लिए मई-जून में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा, राजधानी में लंबित सात हजार नए आवेदकों को अब सीधे पोस्टपेड मीटर ही दिए जाएंगे। प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे हेल्पलाइन नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






