लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी मजबूती देते हुए 3,212.63 करोड़ रुपये की लागत वाली 11 नई परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। ये परियोजनाएं प्रदेश के नौ प्रमुख जिलों में विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य में कुल **2,914 नई आवासीय और वाणिज्यिक इकाइयां बाजार में आएंगी।
यूपी रेरा मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में संपन्न हुई 199वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
गाजियाबाद में सबसे बड़ा निवेश, नोएडा में सबसे अधिक इकाइयां
प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, निवेश के मामले में गाजियाबाद सबसे आगे रहा है। यहाँ 1,108.69 करोड़ रुपये की लागत से 568 इकाइयों वाली एक बड़ी आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली है।
वहीं, इकाइयों की संख्या के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) शीर्ष पर रहा। यहाँ 843.14 करोड़ रुपये के निवेश से 1,077 आईटी ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे। इस कदम से क्षेत्र के कॉर्पोरेट बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ समेत अन्य शहरों का विवरण
राजधानी लखनऊ में भी रियल एस्टेट की बढ़ती मांग को देखते हुए दो बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
- लखनऊ: ₹947.04 करोड़ की लागत से 815 इकाइयां (आवासीय व मिश्रित)।
- झांसी: ₹96.69 करोड़ की दो परियोजनाओं में 134 इकाइयां।
- बरेली: ₹98.50 करोड़ की लागत से 100 इकाइयां।
- मथुरा व आगरा: मथुरा में ₹55 करोड़ (86 इकाइयां) और आगरा में ₹47.86 करोड़ (80 इकाइयां)।
- मेरठ, फिरोजाबाद व अन्य: मेरठ में ₹3.11 करोड़ और फिरोजाबाद में ₹12.60 करोड़ की छोटी परियोजनाओं को मंजूरी मिला
समय पर पजेशन और खरीदारों के हितों पर जोर
बैठक के दौरान यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने स्पष्ट किया कि विकासकर्ताओं (प्रमोटर्स) को नियमों और समयसीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा:
“नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजनाएं समय पर पूरी हों ताकि घर खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके।”





