कुशाग्र कौशल शर्मा
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार 16 मई को विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों ने जिले में चरमराई विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और उससे जुड़ी गंभीर समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने एक मांग पत्र सौंपकर जनता और व्यापारियों की परेशानियों का शीघ्र निराकरण करने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने संवेदनशीलता दिखाई और कुछ जरूरी प्रकरणों का तत्काल मौके पर ही निस्तारण कर उपभोक्ताओं को राहत दी।
मुलाकात के दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस समय पूरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में है और ऐसे दौर में अघोषित बिजली कटौती ‘कोढ़ में खाज’ का काम कर रही है। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के व्यापारी व आम जनमानस इस अव्यवस्था से अत्यंत त्रस्त हैं। बिजली गुल रहने से पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, व्यापारिक नुकसान हो रहा है, घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं और आम नागरिकों की पूरी दिनचर्या व अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। उन्होंने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार कर्मचारी जनता या व्यापारियों के फोन तक उठाना उचित नहीं समझते, जो विभागीय संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर करता है। इसी वजह से जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि जिला मुख्यालय से सटे गांव पेटराहीं, परासी, निपराज, रघुनाथपुर, लसड़ा, ककारी, बेठगांव, श्रीपालपुर तरावां, बड़कागांव, गेंगुवार और बिच्छी आदि गांवों समेत घोरावल ब्लॉक के तमाम इलाकों में अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिसे तुरंत दुरुस्त किया जाए।
वार्ता में नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने मांग की कि प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तत्काल तकनीकी टीम भेजकर फॉल्ट दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के कई-कई घंटों बिजली बाधित रखी जाती है, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज, व्यापारी, छात्र और घरेलू महिलाएं बुरी तरह प्रभावित होती हैं। रात के समय बिजली कटने से सुरक्षा और पानी की विकट समस्या खड़ी हो जाती है। वहीं, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजू जायसवाल ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्युत व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय प्रशासन, विद्युत विभाग और व्यापारिक संगठनों की हर महीने एक संयुक्त बैठक आयोजित की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सिद्धार्थ सांवरिया, टीपू अली और विनय जायसवाल ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों में खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने की अनिवार्य व्यवस्था लागू हो और लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाई जाए। इसके अलावा दिनेश सिंह, अभिषेक साहू और प्रतीक केसरी ने नगर में झूलते जर्जर तारों और टेढ़े हो चुके पोलों की तरफ ध्यान खींचा। उन्होंने चेतावनी दी कि ये जर्जर तार कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। पूर्व में दरोगा जी की गली में तारों में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के कारण भारी क्षति हुई थी। साथ ही खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले तारों के टूटने से पहले भी कई किसानों की धान और गेहूं की फसलें जलकर नष्ट हो चुकी हैं। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा, नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, टीपू अली, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, प्रतीक केसरी और अभिषेक साहू समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।





