लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य सरकार महिलाओं के लिए एक बड़ा और सौगातभरा कदम उठाने की तैयारी में है। उच्चपदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले महिलाओं के बैंक खातों में एक निश्चित आर्थिक राशि सीधे हस्तांतरित करने की महत्वाकांक्षी योजना का जल्द ही औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। इस योजना के दायरे में प्रदेश की चार करोड़ से अधिक महिलाओं को लाए जाने की संभावना है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में महिला मतदाताओं की कुल संख्या छह करोड़ से अधिक है, ऐसे में सरकार लगभग 66 प्रतिशत महिला आबादी को इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाकर एक बड़ा दांव चलने की रणनीति पर काम कर रही है। 10 अप्रैल को जारी एसआईआर के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में प्रति 1000 पुरुष मतदाताओं पर 834 महिला मतदाता हैं, जिसे देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस विशाल महिला वोट बैंक को अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव की तारीखों के एलान से ठीक पहले महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजने की यह योजना सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकती है। फिलहाल शासन स्तर पर इस योजना के प्रारूप और वित्तीय प्रबंधन को लेकर मंथन का दौर तेज है, हालांकि प्रशासनिक अधिकारी अभी इस विषय पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





