Sonbhadra News : रॉबर्ट्सगंज कोतवाली के खाते में जुड़ेगा नया रिकॉर्ड, मंडल में होंगी सबसे ज्यादा पुलिस चौकियाँ

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

• धर्मशाला चौकी के शुभारंभ की तैयारी तेज, नौवीं चौकी से जैत-परासी तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद

सोनभद्र । अपराध के बढ़ते दबाव और बड़े भौगोलिक दायरे के बीच रॉबर्ट्सगंज कोतवाली की पुलिस व्यवस्था का विस्तार होने जा रहा है। धर्मशाला चौकी के शुभारंभ के साथ ही रॉबर्ट्सगंज कोतवाली विंध्याचल मंडल में सबसे अधिक पुलिस चौकियों वाला थाना बन जाएगा। अभी यहां आठ पुलिस चौकियां संचालित हैं, जबकि नई चौकी के शुरू होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर नौ हो जाएगी। नवरात्र के दौरान ही चौकी का उद्घाटन प्रस्तावित है और इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि “धर्मशाला चौकी की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र में पुलिस की पहुंच बढ़ाना, आमजन को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। नई चौकी के शुरू होने से धर्मशाला चौक से जैत और परासी तक के क्षेत्र में पुलिस निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। फिलहाल चौकी का संचालन धर्मशाला चौक स्थित भवन से किया जाएगा।”

शहर में होंगी तीन पुलिस चौकियाँ –

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में अभी शहर, कांशीराम, लोढ़ी, नई बाजार, हिंदुआरी, सुकृत, चुर्क और चेरुई पुलिस चौकियां हैं। धर्मशाला चौकी के जुड़ने से कुल संख्या नौ हो जाएगी। वहीं, शहरी क्षेत्र में पुलिस चौकियों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भदोही कोतवाली क्षेत्र में आठ चौकियां हैं, जबकि मिर्जापुर देहात कोतवाली क्षेत्र में चार पुलिस चौकियां संचालित हैं।

850 के करीब पहुंचे इस साल दर्ज मामले –

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पर आपराधिक मामलों का दबाव भी कम नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष अक्तूबर तक यहां दर्ज मामलों की संख्या करीब 850 पहुंच गई है। पिछले वर्ष कोतवाली में कुल 1296 मामले दर्ज किए गए थे। ऐसे में नई चौकी की स्थापना को पुलिस की क्षेत्रीय निगरानी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में मिलेगी मदद –

जैत क्षेत्र में हेरोइन जैसे मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों और पुलिस की हालिया धरपकड़ के दौरान सामने आए तथ्यों के बीच धर्मशाला चौकी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश के लिए नियमित निगरानी और निरंतर कार्रवाई भी जरूरी होगी।

सुकृत चौकी को थाना बनाने का प्रस्ताव –

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली का क्षेत्रफल काफी बड़ा होने के कारण पुलिस व्यवस्था के विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी क्रम में रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा प्राप्त सुकृत पुलिस चौकी को थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। यहां की इमारत को भी रॉबर्ट्सगंज कोतवाली की तर्ज पर नया स्वरूप देने की तैयारी चल रही है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और विस्तार मिल सकता है।

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

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