आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र में खनन पट्टे को लेकर चल रहा विवाद अब डाला-बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन की सदस्यता और मतदाता सूची तक पहुंच गया है। खनिज विभाग के अभिलेखों में जब मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज के नाम कोई खनन पट्टा स्वीकृत होने की पुष्टि नहीं है, तो इसी नाम से जुड़ी सदस्यता के आधार पर इश्तियाक खान का नाम एसोसिएशन की मतदाता सूची में कैसे दर्ज हुआ? इसी सवाल को उठाते हुए सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने एसोसिएशन को प्रार्थना पत्र देकर इश्तियाक खान का नाम हटाने और वास्तविक पट्टाधारक रिंकी श्रीवास्तव का नाम दर्ज करने की मांग की है। मामला सामने आने के बाद एसोसिएशन की सदस्यता प्रक्रिया और पुराने अभिलेखों की जांच की मांग तेज हो गई है।
खनिज विभाग की आख्या बनी विवाद का आधार –
प्रार्थना पत्र में जिलाधिकारी कार्यालय के खनिज अनुभाग की आख्या का हवाला दिया गया है। इसमें खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद सोनभद्र में मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज के नाम कोई खनन पट्टा स्वीकृत नहीं है, जबकि संबंधित पट्टा रिंकी श्रीवास्तव के नाम पंजीकृत है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने राधिका इंडस्ट्रीज के नाम पर दर्ज सदस्यता की वैधता पर सवाल उठाते हुए इश्तियाक खान का नाम मतदाता सूची से निरस्त करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि एसोसिएशन में सदस्यता देने से पहले संबंधित अभिलेखों का सत्यापन किया गया था या नहीं? यदि सदस्यता फार्म में दर्ज फर्म और सरकारी अभिलेखों के बीच अंतर था, तो इसकी अनदेखी कैसे हुई? इन सवालों का जवाब एसोसिएशन की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
खनन पट्टे के विवाद में पहले से दर्ज है मुकदमा –
मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि खनन पट्टे के संचालन, कागजी कार्यवाही और वित्तीय लेन-देन में कथित धोखाधड़ी, फर्जी हस्ताक्षर तथा हेराफेरी के आरोपों को लेकर ओबरा थाने में मुकदमा दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में वांछित इश्तियाक खान को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। आपराधिक मामला फिलहाल न्यायालय के समक्ष लंबित है और संबंधित आरोपी के जेल में होने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, आपराधिक मामले में लगे आरोपों और एसोसिएशन की सदस्यता की वैधता को अलग-अलग विषयों के रूप में देखा जाना जरूरी है। सदस्यता निरस्त करने का अंतिम निर्णय संबंधित अभिलेखों की जांच और एसोसिएशन के नियमों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
बोले अध्यक्ष- फर्जी सदस्यताओं की होगी जाँच
इस पूरे विवाद पर डाला-बिल्ली क्रेशर ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि उनके निर्वाचित होने से पहले ली गई सदस्यताओं की छानबीन नहीं किए जाने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर सदस्यता फार्म भरते हुए सदस्यता हासिल की है, उनकी गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





