आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बभनी ब्लॉक के बैना गांव में राधा-कृष्ण मंदिर के नाम पर दान की गई भूमि की कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्री कराए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। आदिवासी रामबृक्ष पनिका की भूमि को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद बुधवार शाम दुद्धी तहसील की राजस्व टीम गांव पहुंची। मंदिर परिसर में चौपाल लगाकर संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया गया और ग्रामीणों के बयान व संयुक्त हस्ताक्षर लेकर मामले की जांच की गई।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब पांच वर्ष पहले गांव निवासी रामबृक्ष पनिका ने राधा-कृष्ण मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान की थी। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से मंदिर परिसर की चहारदीवारी बनवाई तथा निर्माण कार्य कराया। आरोप है कि इसी दौरान चंदौली जनपद से आईं बीभा उपाध्याय पूजा-पाठ करने और मंदिर बनवाने के उद्देश्य से रामबृक्ष पनिका के घर रहने लगीं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में बीभा उपाध्याय ने रामबृक्ष पनिका को बहला-फुसलाकर 17 जुलाई 2025 को आराजी संख्या 1287 की भूमि की दो बार रजिस्ट्री करा ली। पहली बार दो हजार और दूसरी बार 1240 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, भूमि के वास्तविक रकबे और रजिस्ट्री की वैधानिक स्थिति की पुष्टि राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
मंदिर परिसर में निर्माण का विरोध होने पर खुला मामला –
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष मंदिर परिसर में रामलीला आयोजन के दौरान बभनी ब्लॉक प्रमुख के कोटे से चार कमरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। आरोप है कि बीभा उपाध्याय ने निर्माण का विरोध करते हुए काम नहीं होने दिया। इसके बाद मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और ग्रामीणों को भूमि की रजिस्ट्री को लेकर जानकारी हुई। मामले को लेकर गांव में चर्चाएं शुरू हो गईं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ने लगी।
इसके बाद गांव में महापंचायत हुई, जिसमें रामबृक्ष पनिका ने अपने साथ अन्याय होने की बात कही। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर की और भूमि संबंधी प्रकरण की जांच कराने की मांग उठाई। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए राजस्व टीम गठित की गई।
चौपाल लगाकर राजस्व अभिलेखों की जांच –
बुधवार शाम दुद्धी तहसीलदार अंजनी कुमार गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व टीम बैना गांव पहुंची। टीम ने राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में चौपाल लगाकर संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया। इस दौरान ग्रामीणों से जानकारी ली गई और संयुक्त हस्ताक्षर भी कराए गए, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा सके।
जांच टीम में कानूनगो रामचंद्र दिवाकर, लेखपाल गौरव कुमार, रवि कुमार और अंकित सिंह शामिल रहे। वहीं, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष मंशा राम के साथ इंद्रदेव प्रसाद, जगतलाल, सुरेश कुमार, बजिन्दर पांडेय, रमाशंकर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





