आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के संबंध में जारी स्थगन आदेश का सोनभद्र उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने स्वागत किया है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार जताते हुए स्पष्ट कहा कि व्यापारियों को केवल स्थगन से नहीं, बल्कि एमडीआर शुल्क की स्थायी वापसी से वास्तविक राहत मिलेगी।
जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि “डिजिटल भुगतान पर एमडीआर शुल्क के कारण व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। सरकार की ओर से शुल्क के संबंध में स्थगन का निर्णय स्वागतयोग्य है, लेकिन व्यापारियों के हित में इसे हमेशा के लिए समाप्त किया जाना चाहिए। बार-बार शुल्क लागू होने या हटने की अनिश्चितता से व्यापारियों को बचाने के लिए स्थायी निर्णय लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं पड़ना चाहिए। सरकार को चाहिए कि एमडीआर शुल्क को केवल स्थगित रखने के बजाय इसकी स्थायी वापसी सुनिश्चित करे, ताकि छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को राहत मिल सके और डिजिटल लेन-देन को और अधिक प्रोत्साहन मिले।”
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार डालने के बजाय डिजिटल लेन-देन को सरल, सुलभ और प्रोत्साहनकारी बनाया जाना चाहिए। एमडीआर शुल्क की स्थायी वापसी से व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी डिजिटल भुगतान अपनाने में सहूलियत मिलेगी।
व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एमडीआर शुल्क को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाए, ताकि व्यापारिक समुदाय को स्थायी राहत मिलने के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।
Author: Anand Kumar Chaubey
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