आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन ने सोमवार को जनपद में सियासी पारा चढ़ा दिया। उरमौरा स्थित भाजपा कार्यालय से निकलीं महिला मोर्चा की कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचीं तो पुलिस ने उन्हें कार्यालय से चंद कदम पहले ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे के नेतृत्व में मोर्चा संभालते हुए सामने आ गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथ से कांग्रेस सांसद प्रो0 अंगोमचा बिमोल अकोइजम का पुतला छीन लिया। इसको लेकर पुलिस और भाजपा नेत्रियों के बीच तीखी झड़प हुई। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के प्रदर्शन के जवाब में वोट चोरी और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे उठाकर पलटवार किया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग रोककर बड़े टकराव की आशंका को टाल दिया।
दरअसल, भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जेएनयू के प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकली थीं। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने किया, जबकि क्षेत्रीय मंत्री पूजा पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहीं। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में कांग्रेस नेतृत्व का रुख सवालों के घेरे में है। उन्होंने संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सांसद के इस्तीफे की मांग उठाई। हालांकि, आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
पुलिस ने रोका रास्ता, पुतला छीनने पर हुई झड़प –
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता जब कांग्रेस कार्यालय के नजदीक पहुंचीं तो पहले से सतर्क पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर जुट गए और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों ओर से नारेबाजी के चलते माहौल गरमा गया। इसी दौरान पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथ से कांग्रेस सांसद का पुतला छीन लिया, जिसको लेकर पुलिस और भाजपा नेत्रियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। पुलिस की मुस्तैदी से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधा टकराव टल गया, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी।
महिलाओं के सम्मान और न्याय की उठाई माँग –
प्रदर्शन के दौरान मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री पूजा पांडेय ने कहा कि “महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान और न्याय के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।”
वहीं भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि “महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी महिला के साथ अन्याय या उत्पीड़न की शिकायत सामने आने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित प्रकरण में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महिला मोर्चा लगातार संघर्ष करता रहेगा।”
प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री अनुसूचित जनजाति मोर्चा ज्योति खरवार, जिला मंत्री मंजू गिरी, जिला महामंत्री गुड़िया त्रिपाठी, रुबी गुप्ता, रंजन पांडेय, वंदना वर्मा, कविता यादव, रीतु अग्रहरी, तारा देवी, आरती चौबे, प्रतिभा, किरन, सुमन, निर्मला, गुलाबी, अनिता, सरस्वती, गीता, शीला, सुमित्रा, तेतरी, मन्ना, पुष्पा, बबीता, केशिया, उषा, रीता, विद्या, राधिका, मधु और मालती सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
कांग्रेस का पलटवार, वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरा –
उधर भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता और महिला कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा चौबे ने आरोप लगाया कि “वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने पर देश की बेटियों के साथ दिल्ली में पुलिस, भाजपा और आरएसएस द्वारा मारपीट की जा रही है तथा उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही पर उतर आई है और छात्रों, किसानों तथा युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। महिला पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की स्वतंत्रता भी नहीं रह गई है? ऊषा चौबे ने कहा कि वोट चोरी के मुद्दे पर देश के युवा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार मौन है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लगातार इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं तथा देश के युवा और बेटियां सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।”
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में बेबी सिंह, मंजू देवी, ऊषा विश्वकर्मा, राजबली पांडेय, नूरुद्दीन खान, कन्हैया पांडेय, आशीष सिंह, लल्लू राम पांडेय, मृदुल मिश्रा, सूरज वर्मा, चेतराम केसरी, प्रांजल श्रीवास्तव, सनी शुक्ला और सद्दाम हुसैन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






