रवींद्र पाठक (संवाददाता)
जुगैल । शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए कुंडवासिनी धाम कुणारी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर चार बजे से ही माता रानी की एक झलक पाने के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर में दिन चढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। हाथों में पूजा की थाली, जुबां पर मां का जयकारा और मन में अपनी मुराद पूरी होने की आस लिए भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे।
जुगैल थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कुंडवासिनी धाम की क्षेत्र में विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद माता रानी अवश्य पूरी करती हैं। यही वजह है कि नवरात्र के दिनों में यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। सोनभद्र के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और मिर्जापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से भक्त यहां माता के दर्शन करने आते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है धाम –
सोनभद्र जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर पश्चिम मध्य प्रदेश की सीमा के निकट स्थित कुंडवासिनी धाम नवरात्र के दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। यहां लगने वाला मेला जिले के बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। शारदीय नवरात्र में मां के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर की धार्मिक महत्ता को बयां करती है।
ट्रस्ट गठन की उठ रही मांग, व्यवस्थाओं में सुधार की दरकार –
मां के दरबार में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के बावजूद मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। श्रद्धालुओं की मांग है कि कुंडवासिनी धाम में ट्रस्ट का गठन कर व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए, ताकि मंदिर में आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी न पड़े।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






