आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर आज समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान सपाइयों ने नेताजी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके संघर्ष, सादगी, समाजवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं की आवाज बुलंद करने का काम किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि “धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव का जीवन संघर्ष, सादगी, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। शिक्षक से लेकर देश के रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री तक का उनका सफर संघर्ष एवं जनसेवा की मिसाल है। उन्होंने कहा कि नेताजी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार काम किया।”
सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने कहा कि “मुलायम सिंह यादव ने भारतीय राजनीति में हमेशा जमीन से जुड़े लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता दी। उन्होंने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के साथ सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई दिशा देने का काम किया। उनके विचार और संघर्ष आज भी समाजवादियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पटेल“नेताजी के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा की राह दिखाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव की विचारधारा समाजवादी कार्यकर्ताओं को जनहित में संघर्ष करने की प्रेरणा देती रहेगी।”
पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे और परमेश्वर दयाल ने कहा कि “पंचायत चुनावों में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने में नेताजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज विभिन्न वर्गों के लोग ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पदों पर पहुंच रहे हैं। आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां सामाजिक भागीदारी की इस व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं।”
कार्यक्रम में जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी, वेदमणि शुक्ला, चौधरी यशवंत सिंह पटेल, श्याम बिहारी यादव, फुलवंती गौड़, अनिल प्रधान, अशोक पटेल, जयप्रकाश उर्फ चेखूर पांडेय, चौथ राम भरोसे सिंह पटेल, विजय यादव, राधा सिंह, कुमारी मंदाकिनी पांडेय, कुमारी निधि पांडेय, अनिल कुमार यादव, मन्नू पांडेय, सुनील गौड़, लाल बहादुर पाल, राम प्यारे सिंह पटेल, त्रिपुरारी गौड़, रमेश सिंह यादव, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, सुरेश नामवर कुशवाहा, राजेश विश्वकर्मा, विमलेश पटेल, रामेश्वर भाई पटेल, सरदार पारब्रह्म सिंह, जितेंद्र बियार, बाबू हाशमी, दीपक केसरी, सत्यम पांडेय, पवन पटेल, गीता गौर, फारूक अली जिलानी, कृपा शंकर चौहान, अजीत मौर्य, प्रदीप कनौजिया, राम शंकर वर्मा, चंद्र भूषण, जयप्रकाश मौर्य, मानिकचंद कनौजिया, अभिषेक प्रजापति, संतोष पासवान, प्रमोद, सत्येंद्र ओझा, दयाराम मौर्य, नजमुद्दीन, गोविंद, डॉ. केडी सिंह पटेल, सुरेंद्र, सतीश कुमार, राम प्रकाश, बचोले प्रसाद पटेल, बलवंत, रवि प्रकाश चतुर्वेदी, अतुल दुबे, धीरज पाठक, आशीष पटेल, राधेश्याम, मुकेश सिंह, अफरोज खान, सुशील राय, बलवंत यादव, जगत पटेल, राजेश कुमार यादव, श्याम बिहारी जायसवाल, अभिनव पांडेय, अखिलेश यादव, रमेश बागी, मुरारी मौर्य, गोविंद, राजनाथ, दीनानाथ अग्रवाल, विजय शंकर जायसवाल, मैरी देवी, रूपा देवी, अनीता सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
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