शशि थरूर ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर पाबंदियों को लेकर सरकार को घेरा: कहा- ‘जवाब दीजिए, लाठियां नहीं और अभिव्यक्ति की आजादी दीजिए’

SHARE:

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई कड़ी पाबंदियों और सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाने वाले नागरिकों का जवाब देने के बजाय सरकार राजधानी को एक छावनी और किले में बदल रही है, जिससे लोगों का संदेह दूर होने के बजाय और अधिक गहरा रहा है। थरूर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस सरकार को अपने चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर पूरा भरोसा होता है, उसे जनता के सवालों का खुले दिल से स्वागत करना चाहिए, न कि उनका दमन करना चाहिए।

सरकार को नसीहत देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रशासन को नागरिकों के सवालों के जवाब देने चाहिए, उन पर लाठियां नहीं चलानी चाहिए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कंक्रीट के अवरोध और बैरिकेड्स लगाने से चुनाव आयोग की साख या लोगों का भरोसा बहाल नहीं होने वाला है, बल्कि जनता के वाजिब सवालों के जितनी जल्दी जवाब दिए जाएंगे, उतनी ही जल्दी शांति और सामान्य स्थिति लौटेगी। उन्होंने रात दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी लौटने का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में इस तरह की अघोषित और अभूतपूर्व सख्ती उन्होंने पहले शायद ही कभी देखी हो, जहां हर कुछ सौ मीटर पर जांच चौकियां बनाई गई हैं, नुकीली पट्टियां लगाई गई हैं और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के करीब 22 हजार जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, लगभग 250 ट्रेनों के रद्द होने और 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने जैसी पाबंदियों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

राजधानी में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने को बेहद पिछड़ा और दमनकारी कदम बताते हुए थरूर ने कहा कि जंतर-मंतर जैसी जगहों को इसीलिए तय किया गया था ताकि देश के नागरिक देश के केंद्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज और विरोध दर्ज करा सकें, लेकिन अब वहां जाने वाले सभी रास्तों को भी सील कर दिया गया है। उन्होंने महिला सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाते हुए सवाल उठाया कि जब शहर में आम महिलाओं को सुरक्षा और मदद की सबसे अधिक जरूरत होती है, तब इतनी भारी संख्या में बल और तत्परता क्यों नजर नहीं आती? दिल्ली में लगाए गए इन कड़े प्रतिबंधों को ‘Emer-GenZ’ की संज्ञा देते हुए थरूर ने चेतावनी दी कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवाओं को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और देश के युवाओं तथा नागरिकों के साथ इस तरह के अघोषित आपातकाल से बेहतर व्यवहार किया जाना चाहिए।

NAV HIND SAMACHAR
Author: NAV HIND SAMACHAR

Navhind News is a leading multilingual news agency in India. Its primary focus is to provide print, electronic, and digital media with news on international, national, regional, and local events, as well as on topics such as literature, art, culture, religion, spirituality, economics, business, sports, science, technology, entertainment, health, and law.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Recent

Follow Us Now