आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत मरीजों को अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलेगी। लोग घर बैठे ही अपनी आभा आईडी के माध्यम से जिले, प्रदेश अथवा देश के विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकों के पास ओपीडी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इतना ही नहीं, भविष्य में आभा आईडी के माध्यम से अपने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को देखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक के साथ साझा करने की सुविधा भी मिलेगी।
इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों और आरोग्य मित्रों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया गया।
आभा आईडी बनेगी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की चाबी –
कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की आभा आईडी महत्वपूर्ण होगी। इसके माध्यम से मरीज घर बैठे विभिन्न अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण करा सकेंगे। इससे अस्पतालों में पंजीकरण के लिए लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही मरीज अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित चिकित्सक के साथ साझा कर सकेंगे।
अस्पतालों से लेकर लैब और फार्मेसी तक को जोड़ने की तैयारी –
मिशन को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों का डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ना जरूरी है। इसके तहत हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के पंजीकरण पर जोर दिया गया। आगामी दिनों में पंजीकृत अस्पतालों के साथ ही प्रयोगशालाओं, फार्मेसी और डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
नोडल अधिकारी ने दी विस्तृत जानकारी –
कार्यशाला में मिशन के नोडल अधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद ने प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की कार्यप्रणाली और इसके विभिन्न बिंदुओं की जानकारी देते हुए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की।
ये रहे मौजूद –
इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ, डिप्टी सीएमओ शैलेन्द्र शील तथा डीआईयू टीम के सदस्य जितेन्द्र कुशवाहा और डीजीएम रजत मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






