वाराणसी। 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र उत्सव और सप्तमी तिथि से आरंभ होने वाली दुर्गा पूजा को लेकर धर्मनगरी काशी में तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शहर के लगभग 90 फीसदी पूजा पंडाल सजकर तैयार हो चुके हैं, वहीं देवी प्रतिमाओं का निर्माण कार्य भी 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है। इस बार काशी के हस्तशिल्पियों की उत्कृष्ट कला का जलवा न केवल पूर्वांचल बल्कि ओडिशा, लखनऊ और जबलपुर जैसे दूर-दराज के राज्यों और शहरों में भी दिखाई देगा। खोजवां स्थित कारखानों से सौ से अधिक माता दुर्गा और अन्य देव विग्रहों की प्रतिमाएं विभिन्न जिलों और राज्यों के लिए भेजी जा रही हैं। इनमें 16 फीट ऊंचे भव्य शेर पर विराजमान मां दुर्गा की प्रतिमा के अलावा शिक्षिका व एलियन रूप जैसी अनूठी और आधुनिक थीम पर आधारित मूर्तियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि इस वर्ष ओडिशा भेजी जाने वाली बंगला चाल की प्रतिमा में एक नया प्रयोग किया गया है। पारंपरिक रूप से सफेद रंग में बनने वाले बंगला साज को इस बार पहली बार गुलाबी रंग में तैयार किया गया है, जो काफी मनमोहक और आकर्षक लग रहा है। इस भव्य सेट में मां दुर्गा के साथ श्रीगणेश, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान कार्तिकेय और महिषासुर समेत कुल आठ प्रतिमाएं शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ के लिए 24, जबलपुर के लिए 8 तथा मिर्जापुर, जौनपुर और गाजीपुर सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के लिए 60 से अधिक प्रतिमाएं भेजी जा रही हैं। मूर्तिकारों के अनुसार, इस बार साज-श्रृंगार और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के कारण देवी मूर्तियों के दामों में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, फिर भी आयोजकों और श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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