उत्तर प्रदेश के करीब 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर भार वृद्धि (लोड बढ़ाने) के नाम पर वर्तमान दरों से अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूले जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बुधवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) में जनहित याचिका दाखिल की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व अन्य सदस्यों से मुलाकात कर प्रस्ताव सौंपा और उपभोक्ताओं पर पड़ रहे इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को तत्काल समाप्त करने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता, 2005 की धारा 4.20 (सी) के तहत यदि किसी उपभोक्ता का लोड केवल 1 किलोवाट या 1 केवीए बढ़ता है, तो अतिरिक्त सिक्योरिटी का आधार भी केवल बढ़ा हुआ लोड ही होना चाहिए, न कि वर्षों पुराने स्वीकृत पूरे भार की वर्तमान महंगी दरों से दोबारा गणना की जानी चाहिए।
उपभोक्ता परिषद ने आयोग के समक्ष 300 केवीए के एक औद्योगिक कनेक्शन का उदाहरण रखा, जिसमें मात्र 1 किलोवाट लोड बढ़ाने पर उपभोक्ता से करीब 4 लाख रुपये की भारी-भरकम अतिरिक्त सिक्योरिटी मांग ली गई। परिषद ने वर्ष 2016 की कास्ट डाटा बुक की पुरानी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पहले केवल बढ़े हुए लोड पर ही नई दर से जमानत राशि ली जाती थी, जबकि वर्तमान व्यवस्था में पुराने जमा पैसे को नजरअंदाज कर पूरे लोड को नई दरों पर आंका जा रहा है, जो सरासर अन्यायपूर्ण है। अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग से मांग की है कि सभी बिजली कंपनियों से ऐसे मामलों का ब्योरा मांगकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, कास्ट डाटा बुक के प्रावधानों में स्पष्ट संशोधन जारी किया जाए और जिन उपभोक्ताओं से अधिक सिक्योरिटी राशि वसूल की जा चुकी है, उन्हें ब्याज सहित रिफंड या आगामी बिलों में समायोजित करने के सख्त निर्देश दिए जाएं।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






