आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• परिषदीय शिक्षकों ने कलात्मक हुनर के साथ नवाचार और सृजनात्मकता का दिया संदेश
सोनभद्र । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में मंगलवार को परिषदीय शिक्षकों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कला, क्राफ्ट एवं पेप्ट्री प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डायट प्राचार्य रिद्धि पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे परिषदीय शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी कलात्मक क्षमता, सृजनात्मक सोच और नवाचार का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य शिक्षकों में रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के साथ कला एवं क्राफ्ट को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ना रहा। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर आकर्षक पेंटिंग, क्राफ्ट और अन्य कलात्मक कृतियों का निर्माण कर अपनी कल्पनाशीलता एवं हुनर का परिचय दिया।
प्रतियोगिता में शिक्षकों का उत्साह देखते ही बना। प्रतिभागियों ने सीमित समय में अपनी रचनात्मक सोच को कलात्मक रूप देते हुए विभिन्न कृतियां तैयार कीं। कृतियों के माध्यम से शिक्षकों ने यह भी प्रदर्शित किया कि कला और क्राफ्ट का उपयोग कक्षा-कक्ष में कठिन विषयों को सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से समझाने के लिए किया जा सकता है।
डायट प्राचार्य रिद्धि पाण्डेय ने प्रतिभागी शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “कला एवं क्राफ्ट बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को आनंददायी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएं शिक्षकों को अपनी रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ उसे शिक्षण कार्य में प्रयोग करने का अवसर प्रदान करती हैं। इससे कक्षा में नवाचार को बढ़ावा मिलता है और विद्यार्थियों की सीखने में रुचि भी बढ़ती है। प्रतियोगिता में प्रस्तुत कृतियों का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने एक-दूसरे की कलाकृतियों को भी देखा और रचनात्मक शिक्षण के विभिन्न तरीकों पर विचार साझा किए।”
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डायट के प्रवक्ताओं एवं संबंधित स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतियोगिता ने परिषदीय शिक्षकों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ रचनात्मक, नवाचारी और आनंददायी शिक्षण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।





