आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से आयोजित पोषण माह-2026 का जनपद स्तरीय समापन समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे और विशिष्ट अतिथि महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह एवं जिला मंत्री गुड़िया त्रिपाठी रहीं। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने किया। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी चतरा दीनानाथ द्विवेदी, चोपन दिलीप वर्मा, दुद्धी मनोज सिंह समेत विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
समारोह में हेल्दी बेबी शो, रंगोली और पोषाहार से तैयार रेसिपी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। हेल्दी बेबी शो में राबर्ट्सगंज शहर की कुमारी श्री ने प्रथम, ओबरा शहर की दिव्यांशी ने द्वितीय तथा राबर्ट्सगंज ग्रामीण के मास्टर शिवांश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रंगोली प्रतियोगिता में राबर्ट्सगंज शहर प्रथम रहा, जबकि राबर्ट्सगंज ग्रामीण ने द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किया। रेसिपी प्रतियोगिता में राबर्ट्सगंज ग्रामीण प्रथम, राबर्ट्सगंज शहर द्वितीय, राबर्ट्सगंज ग्रामीण तृतीय तथा शहर परियोजना चतुर्थ स्थान पर रही।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि “स्वस्थ और मजबूत समाज की नींव स्वस्थ बचपन से ही तैयार होती है। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार कुपोषण को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इन प्रयासों को सफल बनाने में परिवार और समाज की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जनभागीदारी के माध्यम से ही जनपद को कुपोषण से मुक्त और सुपोषित बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि “पोषण केवल बच्चों के स्वस्थ विकास तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के बेहतर भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों को सफल बनाने के लिए महिलाओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। घर में उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सही उपयोग से बच्चों के स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।”
सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि “पोषण अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक पोषण और स्वास्थ्य का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि सुपोषित सोनभद्र के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।”
जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने कहा कि “पोषण माह के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में निरंतर सुधार हो।“
समापन समारोह में अतिथियों ने पोषण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के माध्यम से सुपोषित सोनभद्र और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया गया।






