आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किस्त बाकी है, इसलिए आपका वाहन जब्त किया जा रहा है, यदि हाईवे पर कोई व्यक्ति फाइनेंस कंपनी का नाम लेकर इस तरह वाहन रुकवाता है और जबरन अपने कब्जे में लेने का प्रयास करता है तो यह गैर कानूनी है और आप इसकी शिकायत सीधे पुलिस को कर सकते हैं। जिले में इसी तरह एक फाइनेंस कंपनी के नाम पर हाईवे पर ट्रेलर रुकवाकर चालक से मारपीट और जबरन वाहन कब्जे में लेने के मामले में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित ट्रेलर के साथ दो पल्सर मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।
सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि आरोपियों ने फाइनेंस कंपनी में सीजिंग का काम करने की बात कहते हुए किश्त बकाया होने का हवाला देकर हाईवे पर ट्रेलर को रुकवाया था। आरोप है कि चालक को जबरन वाहन से उतारकर ट्रेलर अपने कब्जे में ले लिया गया। चालक ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और केबिन की खिड़की से उसका गला दबाने का भी प्रयास किया गया। इसके बाद ट्रेलर को हिन्दुआरी स्थित यार्ड ले जाने की कोशिश की गई।मामले में पुलिस ने थाना रॉबर्ट्सगंज में धारा 126(2), 115(2), 131, 352, 351(3), 309(6), 61(2)(ए) बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
हिन्दुआरी पुलिया के पास दबोचे गए तीनों आरोपी –
सीओ सिटी के मुताबिक, सोमवार को चौकी प्रभारी हिन्दुआरी उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित तीन आरोपी हिन्दुआरी पुलिया से पहले बाबा ढाबा के पास मोटरसाइकिलों के साथ खड़े हैं और कहीं जाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही तीनों आरोपियों ने मोटरसाइकिल से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने करीब 10:20 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से एक पल्सर और एक बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिन्हें धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया।
पूछताछ में सामने आई वाहन कब्जे में लेने की कहानी –
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे श्रीराम फाइनेंस कंपनी में सीजिंग का काम करते हैं और कंपनी से किश्त बकाया वाहनों की जानकारी मिलने पर संबंधित वाहन कब्जे में लेकर यार्ड में खड़ा करते हैं। पुलिस के अनुसार, 4/5 अक्टूबर की रात ट्रेलर को किश्त बकाया होने के आधार पर जबरन कब्जे में लेकर हिन्दुआरी स्थित यार्ड ले जाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर खराब होकर बंद हो गया और उसे डीआर ड्रीम होटल के सामने छोड़ दिया गया। चालक द्वारा विरोध किए जाने पर उसके साथ मारपीट की गई।
तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने –
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशु सिंह निवासी मगरहथा, थाना पन्नूगंज, सूरज पाण्डेय निवासी परसौना, थाना रॉबर्ट्सगंज और संतोष सिंह निवासी पकरी चण्डी होटल, थाना रॉबर्ट्सगंज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सूरज पाण्डेय के खिलाफ वर्ष 2022 में रॉबर्ट्सगंज थाने में धारा 386 भादंवि के तहत मुकदमा दर्ज है। वहीं संतोष सिंह के खिलाफ वर्ष 2026 में बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। तीनों के खिलाफ वर्तमान मामले में भी मुकदमा दर्ज है।
पुलिस कार्यवाही से हाईवे पर वाहन चालकों को सख्त संदेश –
इस कार्यवाही ने हाईवे पर वाहन चालकों के सामने आने वाली एक गंभीर स्थिति को भी सामने ला दिया है। किश्त बकाया होने के नाम पर किसी वाहन को जबरन रोकना, चालक के साथ मारपीट करना और वाहन अपने कब्जे में लेना कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बन सकता है। फाइनेंस कंपनी से जुड़े लोग यदि वाहन की रिकवरी के लिए अधिकृत हैं तो भी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए।
“बहरहाल किश्त बाकी रहने पर हाईवे या किसी अन्य सड़क पर यदि कोई व्यक्ति फाइनेंस कंपनी का नाम लेकर आपके वाहन को जबरन रुकवाता है, चालक के साथ मारपीट करता है या वाहन अपने कब्जे में लेने की कोशिश करता है तो इसे महज फाइनेंस की रिकवरी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सोनभद्र पुलिस ने ऐसे ही मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर यह साफ संदेश दिया है कि फाइनेंस कंपनी के नाम पर कानून हाथ में लेकर वाहन छीनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कितने वाहन चालकों को इसी तरह डर दिखाकर वाहन कब्जे में लिए गए और क्या इस पूरे नेटवर्क में ऐसे और लोग भी सक्रिय हैं? पुलिस की आगे की जांच इन सवालों का जवाब तय करेगी।”






