आनंद कुमार चौबे, सोनभद्र। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सोनभद्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्र के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ओडिशा से दिल्ली ले जाया जा रहा 220 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹1.10 करोड़ बताई जा रही है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त छह पहिया आयशर प्रो ट्रक, दो मोबाइल फोन और ₹4,000 नकद समेत कुल ₹1.20 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है। पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
घटना के विस्तृत विवरण के अनुसार, 13 सितंबर 2026 की रात थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम सनबीम स्कूल मोड़ तिराहा (ग्राम गेंगुआर) के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हिन्दुआरी तिराहा के पास पुल के पास एक छह पहिया आयशर वाहन संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जिसके बाद वाहन में सवार दो व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने रात करीब 8:40 बजे उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान बिरेस (45 वर्ष) और गोविंद (25 वर्ष), दोनों निवासी जनपद बदायूं के रूप में हुई है। जब पुलिस ने वाहन की गहनता से तलाशी ली तो उसमें मालवाहक हिस्से के अग्रिम भाग में लोहे की चादरें वेल्डिंग करके बेहद चालाकी से बनाया गया एक विशेष गुप्त केबिन मिला, जिसके अंदर छिपाकर रखे गए 7 बोरों से 220 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में बैठे मुख्य सरगनाओं के इशारे पर गांजा तस्करी का काम करते हैं। दिल्ली के आकाओं द्वारा ही गांजा खरीदने के लिए नगद रकम उपलब्ध कराई गई थी, जिसे लेकर वे ओडिशा के सुंदरगढ़ और कालाहांडी क्षेत्र गए थे। वहां स्थानीय संपर्क के माध्यम से गांजे की खेप को वाहन के गुप्त केबिन में लोड कराया गया और फिर ओडिशा से सोनभद्र के रास्ते दिल्ली ले जाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने धारा 8/20/27ए/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ओडिशा से लेकर दिल्ली तक फैले इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं और अन्य कड़ियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में रॉबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा, चौकी प्रभारी हिन्दुआरी विनय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी सुकृत विष्णु प्रभा सिंह, चौकी प्रभारी चुर्क धर्मनारायण भार्गव सहित पुलिस व एसओजी के मुख्य आरक्षी और आरक्षी शामिल रहे।





