सोनभद्र। बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान कथित गंभीर लापरवाही और मरीज की स्थिति बिगड़ने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार और पंजीयन नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर ने शुक्रवार को ‘उपकार हॉस्पिटल एंड मल्टी स्पेशियलिटी आयुर्वेदिक पंचकर्मा एवं न्यूरोथैरेपी सेंटर’ को सील कर दिया। अस्पताल सील होने की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
प्रकरण के अनुसार, राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के परासी पांडेय गांव की निवासी पीड़ित महिला सुनीता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 25 सितंबर 2025 को बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए उसे उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की देखरेख में ऑपरेशन तो संपन्न हुआ, लेकिन कथित तौर पर असावधानी के कारण उसकी पेशाब की थैली कट गई। इस गंभीर चूक के चलते उसे लगातार पेशाब रिसाव की समस्या उत्पन्न हो गई और स्वास्थ्य में सुधार होने के बजाय स्थिति अत्यंत चिंताजनक होती चली गई।
महिला ने बताया कि हालत बिगड़ने पर उसे मजबूरन दूसरे अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा, जिससे उसे न केवल असहनीय शारीरिक मानसिक यातना झेलनी पड़ी बल्कि भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। महिला का कहना था कि स्थानीय कोतवाली में शिकायत करने के बाद भी जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तब उसने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित जांच व कार्रवाई के आदेश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा के अनुसार, नायब तहसीलदार और नोडल अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है। फिलहाल अस्पताल के पंजीकरण, इलाज से संबंधित अभिलेखों और ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही की गहनता से जांच की जा रही है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





