सोनभद्र। साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र की साइबर क्राइम पुलिस और स्वाट टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर अधिक लाभ का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरप्रांतीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड लविश चौधरी है, जो भारत में नहीं बल्कि दुबई में बैठकर इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
मुख्य आरोपी लविश चौधरी फिलहाल वांछित है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस गिरोह ने आम जनता को तो छोड़िए, खुद पुलिस महकमे के ही चार पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बनाते हुए उनसे कुल ₹25.03 लाख की ठगी कर डाली थी।

अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के दिशा-निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि घटना की शुरुआत देवरिया निवासी और वर्तमान में सोनभद्र के चोपन थाने में तैनात कांस्टेबल दीपक कुमार वर्मा की शिकायत से हुई। दीपक कुमार वर्मा को इन जालसाजों ने Botbro, Crossmarket और MineCrypto नामक फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए हर महीने 8 से 10 प्रतिशत भारी मुनाफे का लालच दिया था। झांसे में आकर जब उन्होंने निवेश शुरू किया, तो अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाकर उनसे ₹10.70 लाख हड़प लिए गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया। जब साइबर थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार चौधरी की टीम ने तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों की गहराई से जांच की, तो पता चला कि यह जालसाज सिर्फ एक सिपाही तक सीमित नहीं थे, बल्कि इन्होंने सोनभद्र जनपद में ही तैनात चार अलग-अलग पुलिसकर्मियों को अपनी ठगी का शिकार बनाकर कुल ₹25,03,000/- उड़ा लिए थे।
ठगी की इस बड़ी रकम को अभियुक्तों द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर जब गिरोह के सदस्यों की पहचान सुनिश्चित हुई, तो साइबर थाना पुलिस ने स्वाट टीम के प्रभारी निरीक्षक नागेश कुमार सिंह के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई और लखनऊ में छापेमारी की। पुलिस टीम ने लखनऊ के विभिन्न इलाकों से घेराबंदी करके सुफियान, मो. दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान नाम के चार अभियुक्तों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाले 05 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप और एक चार पहिया वाहन (संख्या UP51 BS7866) बरामद किया है। पूछताछ में इन आरोपियों ने कुबूल किया कि वे दुबई में बैठे अपने मुख्य सरगना लविश चौधरी के इशारे पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों को फांसते थे और जैसे ही कोई मोटी रकम निवेश करता था, उस पैसे को आपस में बांटकर रफूचक्कर हो जाते थे।
इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार चौधरी, स्वाट टीम प्रभारी नागेश कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी संजय वर्मा, शिवनन्दन सिंह, मनीष सिंह, आरक्षी हृदेश यादव, सुनील कुमार, रितेश पटेल और अजीत कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और ठगी गई शेष धनराशि की बरामदगी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके साथ ही सोनभद्र पुलिस ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी अनजान ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, लॉटरी, भारी मुनाफे वाले निवेश या प्रलोभन में आकर अपनी गाढ़ी कमाई किसी अज्ञात खाते में ट्रांसफर न करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या अपने नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराए।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





