राबर्ट्सगंज में मालिकाना हक और गायब खतौनी रजिस्टर को लेकर प्रभारी मंत्री से मिला व्यापार संगठन, उम्भा कांड जैसी पुनरावृत्ति की जताई आशंका

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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को सर्किट हाउस में जनपद के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों ने प्रभारी मंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर रावर्टसगंज नगर की लंबे समय से लंबित गंभीर समस्याओं और भूमि विवादों से अवगत कराया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने प्रभारी मंत्री के समक्ष पुरजोर तरीके से बात रखते हुए कहा कि रावर्टसगंज नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत दशकों से रह रहे स्थानीय नगरवासी आज भी अपनी ही जमीनों के मालिकाना हक से पूरी तरह वंचित हैं। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में भी इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर कई बार विभिन्न पटलों पर व्यापारियों और आम जनता की आवाज उठाई गई और जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु आज तक इसका कोई समुचित और स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। पूर्व में “टाड़ का डौर” के नाम से बसे इस ऐतिहासिक शहर का आज कोई पुरसाहाल नजर नहीं आ रहा है।

जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने प्रभारी मंत्री का ध्यान एक बेहद संवेदनशील और गंभीर प्रकरण की ओर आकृष्ट कराते हुए बताया कि 22 फरवरी 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में नगर पालिका कार्यालय से महत्वपूर्ण खतौनी व खसरा रजिस्टर गायब हो गया था। इस मामले में 4 मार्च 2018 को औपचारिकता निभाते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) तो दर्ज कर ली गई, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो वह महत्वपूर्ण रजिस्टर बरामद हो सका और न ही इसके लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई। इस लापरवाही का खामियाजा आज पूरे नगर क्षेत्र की जनता भुगत रही है। भूमि संबंधी अनेक जटिल समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं, जिससे आम नागरिकों को अपनी ही संपत्ति के स्वामित्व, नामांतरण (दाखिल- खारिज) एवं अन्य जरूरी राजस्व कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापार संगठन ने प्रभारी मंत्री से मांग की है कि खसरा व खतौनी रजिस्टर गायब होने के इस पूरे सनसनीखेज प्रकरण की किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही, दर्ज एफआईआर और अब तक हुई पुलिस विवेचना की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक किया जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने मांग की कि नगर क्षेत्र के सर्वे कार्य की रिपोर्ट एवं संबंधित अभिलेखों का शीघ्र प्रकाशन कराया जाए और पारदर्शिता लाने के लिए नगर पालिका क्षेत्र के सभी भूमि अभिलेखों का अविलंब डिजिटलीकरण (Digitalization) किया जाए। इसके अतिरिक्त, इस लापरवाही में संलिप्त रहे तत्कालीन व वर्तमान दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित समस्त आवश्यक सूचनाएं आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए और भविष्य में इन बहुमूल्य सरकारी अभिलेखों की पुख्ता सुरक्षा हेतु एक प्रभावी डिजिटल और भौतिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

प्रभारी मंत्री को जमीनी हकीकत से रूबरू कराते हुए श्री शर्मा ने एक बेहद गंभीर चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में जनपद के घोरावल क्षेत्र में हुआ ‘उम्भा कांड’ इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसने जमीन विवाद के चलते पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था और एक साथ कई मासूमों की जान चली गई थी। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि समय रहते जिला मुख्यालय रावर्टसगंज के इन गंभीर जमीन विवादों और अभिलेखीय विसंगतियों को निस्तारित करने की तरफ ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यहां भी जमीन से जुड़े आपसी विवाद और हिंसक रूप ले सकते हैं, जिससे उम्भा कांड जैसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति होने से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उचित और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से प्रितपाल सिंह, राजेश जायसवाल, जसकीरत सिंह, नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल सहित भारी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और सम्मानित व्यापारी उपस्थित रहे।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

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