चोरी की बिजली से होटल में दौड़ रहे थे 13 एसी और 12 पंखे, विजिलेंस के छापे में 28 किलोवाट लोड का बड़ा खुलासा, 10 लाख से अधिक का जुर्माना

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माधवेन्द्र मिश्रा, लखनऊ: राजधानी के उतरेठिया उपकेंद्र इलाके में जहां भीषण गर्मी के बीच आम जनता पिछले एक महीने से बूंद-बूंद बिजली को तरस रही है और लो-वोल्टेज व कटौती से त्रस्त है, वहीं इसी क्षेत्र के एक आलीशान होटल में धड़ल्ले से चोरी की बिजली पर ऐश का इंतजाम चल रहा था। मंगलवार रात करीब 10:20 बजे बिजली विभाग और पुलिस प्रवर्तन दल (विजिलेंस) की संयुक्त टीम ने जब नीलमथा के डिप्टीगंज हरिहरपुर आदर्शनगर स्थित ‘होटल मिराकी इन’ पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। जांच में पाया गया कि होटल के भीतर बिना मीटर के सीधे केबल डालकर 28 किलोवाट के भारी-भरकम लोड पर बिजली चोरी की जा रही थी, जिससे दो मंजिला होटल में एक साथ 13 एसी और 12 पंखे पूरी रफ्तार से चल रहे थे। चोरी का भंडाफोड़ होते ही टीम ने तुरंत अवैध कनेक्शन को काट दिया।

अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) एके शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस प्रवर्तन दल ने प्रकाशनी शेखर के स्वामित्व वाले इस होटल पर रेड की थी। छापेमारी के दौरान पहली बड़ी गड़बड़ी यह सामने आई कि व्यावसायिक गतिविधि वाले इस पूरे होटल को एक घरेलू बिजली कनेक्शन के भरोसे चलाया जा रहा था, जो कि सिर्फ नौ किलोवाट का स्वीकृत था। इतना ही नहीं, होटल संचालक ने मुख्य थ्री-फेज केबल को छज्जे के अंदर छिपाकर काट रखा था और उसमें एक दूसरी अवैध केबल जोड़कर सीधे बिजली चोरी को अंजाम दे रहा था। इस गंभीर वित्तीय और कानूनी अपराध को लेकर होटल मालिक के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करा दी गई है। अब होटल संचालक को इस बड़ी चोरी के बदले 2.80 लाख रुपये शमन शुल्क के रूप में और बिजली चोरी के आकलन के आधार पर करीब 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भरना होगा।

इस हाई-प्रोफाइल बिजली चोरी के खुलासे के बाद विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर सांठगांठ की बू आ रही है। घरेलू कनेक्शन की बिजली पर इतने बड़े पैमाने पर कमर्शियल होटल चलने और धड़ल्ले से केबल कटिंग होने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रवर्तन दल को अंदेशा है कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत और सांठगांठ के चलते ही इतने समय से यह अवैध खेल चल रहा था। शुरुआती जांच के घेरे में सबसे पहले वे जिम्मेदार आए हैं जो एमआरआई बेस बिलिंग करते हैं, क्योंकि उन्होंने इस संदिग्ध और गड़बड़ रीडिंग को लंबे समय तक छिपाए रखा। इसके साथ ही इलाके के जूनियर इंजीनियर (जेई), सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) और संबंधित लाइन कर्मी भी अब विभागीय जांच के दायरे में आ गए हैं, जिन्होंने इतनी बड़ी चोरी को पकड़ने में लापरवाही बरती या जानबूझकर नजरअंदाज किया। देर रात तक चली इस पूरी कार्रवाई और छापेमारी दल में एसडीओ आशुतोष वर्मा, जेई राजेश कुमार तथा इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह सहित विजिलेंस और बिजली विभाग के कई अन्य प्रमुख अधिकारी व सुरक्षाकर्मी शामिल रहे।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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