डाला, सोनभद्र। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्टरी से चौबीसों घंटे निकल रही अत्यधिक बदबूदार और हानिकारक दुर्गंध से आजिज आ चुके नगरवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। इस विकराल समस्या से परेशान स्थानीय नागरिकों ने शनिवार की शाम को मनोज शुक्ला की अध्यक्षता में कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एकत्रित होकर फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फैक्टरी प्रशासन के रवैये पर गहरा आक्रोश जताते हुए सीधे तौर पर चेतावनी दी कि यदि कंपनी प्रबंधन की तरफ से तत्काल प्रभाव से इस दुर्गंध को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की जनता फैक्टरी के मुख्य द्वार पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन और उग्र विरोध करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
प्रदर्शन में शामिल नगरवासियों ने फैक्टरी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से उक्त फैक्टरी परिसर में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से भारी वाहनों और ट्रकों के जरिए भारी मात्रा में कचरा व अपशिष्ट पदार्थ मंगाया जा रहा है। इस कचरे को फैक्टरी के भीतर जलाया जाता है, जिससे निकलने वाला धुआं और उसकी भयंकर दुर्गंध पूरे डाला कस्बे के वातावरण में घुल रही है। स्थिति इस कदर बदतर हो चुकी है कि स्थानीय लोगों और राहगीरों का रास्ते से गुजरना और अपने घरों में सांस लेना तक दुश्वार हो गया है। लोगों का कहना है कि हवा में फैली इस जहरीली और असहनीय दुर्गंध के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और क्षेत्र में सांस व फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार पैर पसार रहा है। प्रदूषण विभाग और स्थानीय प्रशासन की इस अनदेखी के खिलाफ व्यापार जगत और जनप्रतिनिधि भी मुखर हो गए हैं। इस बड़े विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश जैन, सुभाष पाल, सभासद अवनीश देव पांडेय, धीरेंद्र प्रताप सिंह सोनू, विशाल कुमार तथा संतोष कुमार बबलू सहित भारी संख्या में स्थानीय संभ्रांत नागरिक और पीड़ित मोहल्लेवासी मौजूद रहे, जिन्होंने फैक्टरी से होने वाले वायु प्रदूषण से तत्काल मुक्ति दिलाने की पुरजोर मांग की है।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.






