मानवेंद्र मिश्रा, लखनऊ। राजधानी के एसजीपीजीआई कोतवाली क्षेत्र के सभाखेड़ा कल्ली पश्चिम गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ अवैध खनन के कारण बने एक गहरे तालाब में नहाने गए 13 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। स्कूल से लौटने के बाद वह अपने दोस्तों और छोटे भाई के साथ नहाने गया था, लेकिन फिर कभी जिंदा वापस नहीं लौटा। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ भारी आक्रोश है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले सफाई कर्मी राकेश कुमार का बेटा जितेंद्र कुमार (13) पास के ही एक निजी स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। वह सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल से घर लौटा और खाना खाने के बाद अपने दोस्त हिमांशु, पुनीत और छोटे भाई मनीष के साथ गांव के बाहर बने एक गहरे गड्ढे (तालाब) में नहाने चला गया। मृतक के 11 वर्षीय छोटे भाई मनीष ने बताया कि वह खुद किनारे पर नहा रहा था, जबकि उसका भाई जितेंद्र और दोस्त हिमांशु नहाते-नहाते गहरे पानी में चले गए और अचानक डूबने लगे। मनीष ने सूझबूझ दिखाते हुए पास में पड़ी एक लकड़ी उनकी तरफ फेंकी, जिसे पकड़कर हिमांशु तो बाहर निकल आया, लेकिन जितेंद्र लकड़ी तक नहीं पहुंच पाया और गहरे पानी में समा गया।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में जितेंद्र को तालाब से बाहर निकाला और तुरंत एसजीपीजीआई की इमरजेंसी लेकर भागे, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां सुमन और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि पास में बन रही एक निजी टाउनशिप के निर्माण कार्य के लिए खनन माफियाओं ने यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया था, जिसके कारण यह जानलेवा और गहरा गड्ढा बन गया, जो बारिश और सामान्य दिनों में पानी भरकर तालाब का रूप ले लेता है। कार्यवाहक कोतवाल धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






