बनारस कोर्ट का बड़ा फैसला: वर्ष 2002 के चर्चित फायरिंग मामले में अभय सिंह समेत सभी आरोपी दोषमुक्त

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  • 2002 का चर्चित नदेसर शूटआउट: साक्ष्यों के अभाव में विधायक अभय सिंह समेत सभी आरोपी बरी

वाराणसी की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने वर्ष 2002 में पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विधायक अभय सिंह सहित सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने साक्ष्यों के अभाव में यह निर्णय सुनाया, जिसके बाद करीब दो दशक से चली आ रही इस लंबी कानूनी लड़ाई का पटाक्षेप हो गया। फैसले के समय कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

यह पूरा घटनाक्रम 4 अक्तूबर 2002 का है, जब जौनपुर के तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ वाराणसी के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास से गुजर रहे थे। आरोप था कि वहां पहले से घात लगाए बैठे गोसाईगंज (अयोध्या) के विधायक अभय सिंह और उनके साथियों ने धनंजय सिंह के काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद धनंजय सिंह ने अभय सिंह को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह के नाम भी सामने आए थे और सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

अदालत का फैसला आने के बाद सियासत भी गरमा गई है। दोषमुक्त होने के बाद विधायक अभय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते इस मामले में झूठा फंसाया गया था। उन्होंने धनंजय सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें खुद अपराधी बताया और कहा कि न्याय की जीत हुई है। दूसरी ओर, सह-आरोपी विनीत सिंह के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अब किसी भी न्यायालय में कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। इस फैसले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में दो बाहुबली गुटों के बीच चल रहे दशकों पुराने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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