आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिनके नाम पर लोग भरोसा करते हैं, साइबर ठगों ने अब उसी भरोसे को ठगी का हथियार बनाने की कोशिश की है। जनपद के सदर विधायक भूपेश चौबे का WhatsApp अकाउंट कथित तौर पर हैक कर उनके परिचितों से पैसे मांगने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। विधायक की डिजिटल पहचान पर सेंध लगाकर लोगों की जेब पर निशाना साधने की इस कोशिश ने साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आते ही विधायक ने लोगों को सतर्क किया कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। वहीं उनकी तहरीर पर साइबर थाने में अज्ञात हैकरों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब अकाउंट रिकवर कराने के साथ मामले की जांच में जुटी है। वहीं यह मामले में लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया कि जब जनप्रतिनिधि की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर ठगी की कोशिश हो सकती है, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है?
परिचितों और अधिकारियों को भेजे संदेश, मांगे ₹52 हजार रुपये –
जानकारी के मुताबिक, सदर विधायक भूपेश चौबे के WhatsApp अकाउंट पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल कर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को संदेश भेजे गए। इनमें उनके परिचितों के साथ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। संदेशों के जरिए 52 हजार रुपये की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। साइबर ठगों ने कथित तौर पर विधायक के नाम और उनसे जुड़े लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर पैसे हासिल करने की कोशिश की।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि साइबर अपराधी अब केवल अनजान लोगों को ही नहीं, बल्कि परिचितों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों की डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर भी ठगी का जाल बिछा रहे हैं। हालांकि, रकम की मांग के बाद किसी व्यक्ति से पैसे ट्रांसफर कराए जाने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
विधायक ने जारी की एडवाइजरी, कहा- बिना पुष्टि न भेजें पैसे
WhatsApp अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की जानकारी सामने आने के बाद विधायक भूपेश चौबे ने खुद लोगों को सतर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या पैसों की मांग पर भरोसा न करें। यदि उनके नंबर से पैसे भेजने के लिए कहा जाता है तो संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे माध्यम से पुष्टि किए बिना कोई रकम ट्रांसफर न करें। विधायक ने लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और OTP सहित अपनी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि WhatsApp अकाउंट रिकवर कराने का प्रयास किया जा रहा है। अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित होने तक उनके नंबर से आने वाले संदिग्ध संदेशों को नजरअंदाज करने और इस सूचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई है।
तहरीर पर साइबर थाने में FIR, अकाउंट रिकवर करने का प्रयास –
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक ने पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर साइबर थाने में अज्ञात हैकरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और WhatsApp नंबर रिकवर कराने का प्रयास जारी है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच कैसे बनाई गई और कथित ठगी की कोशिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
FIR दर्ज, लोगों से सतर्क रहने की अपील –
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि “सदर विधायक भूपेश चौबे की तहरीर पर साइबर थाने में अज्ञात हैकरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है और विधायक का WhatsApp नंबर रिकवर कराने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी ने आमजन से सतर्क और सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी के नाम या नंबर से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर बिना पुष्टि रकम ट्रांसफर न करें। OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण किसी के साथ साझा करने से बचें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।”
डिजिटल पहचान का दुरुपयोग, हर व्यक्ति के लिए चेतावनी –
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर ठगी की कोशिश करते हैं। किसी परिचित या जनप्रतिनिधि के नाम से आया संदेश भी अपने आप में उसकी प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है। ऐसे में पैसों की मांग होने पर संबंधित व्यक्ति से दूसरे विश्वसनीय माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध लिंक से दूर रहें और OTP या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





